

वर्षा ऋतु के साथ सरीसृपों के घरों से बाहर निकलने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में कोरबा वन मंडल के पसरखेत परिक्षेत्र में कोरबा-हाटी मुख्य मार्ग के किनारे एक विशालकाय किंगकोबरा दिखाई देने से हड़कंप मच गया। वन विभाग और RCRS की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सर्प का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
*मुख्य मार्ग पर दिखा किंगकोबरा, लगा जाम*
जानकारी के अनुसार आज पसरखेत वन परिक्षेत्र अंतर्गत कोरबा-हाटी मुख्य मार्ग के किनारे बहने वाले नाले के पास झाड़ियों से एक विशाल किंगकोबरा सड़क पार कर रहा था। सर्प को देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और इस मार्ग पर आवागमन कुछ समय के लिए रुक गया।
*1 घंटे की मशक्कत के बाद सफल रेस्क्यू*
घटना की सूचना मिलते ही वनमंडल अधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव को अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर उपवन मंडलाधिकारी श्री सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। चूंकि सर्प मुख्य मार्ग पर था, इसलिए उसके घायल होने और लोगों को नुकसान पहुंचने का खतरा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने सर्प संरक्षण संस्था RCRS के श्री अविनाश यादव से संपर्क किया। सूचना मिलते ही अविनाश यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
SOP का पालन करते हुए 50 मीटर तक सुरक्षा घेरा बनाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया। भारी बारिश के बीच करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद किंगकोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे स्वस्थ पाकर उसके प्राकृतिक आवास के पास सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।
*ग्रामीणों को दी गई समझाइश*
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि जहरीले जीव-जंतु दिखने पर उन्हें न मारें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें। इससे जीवों की जान भी बचेगी और जनहानि भी टलेगी।
ग्रामीणों और वन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने सहयोग का भरोसा देते हुए शपथ ली कि भविष्य में इस तरह के सर्प दिखने पर वे तुरंत विभाग को सूचना देंगे और संरक्षण में वन विभाग का साथ देंगे।
*रेस्क्यू टीम में ये रहे शामिल*
पूरी कार्रवाई में परिक्षेत्राधिकारी श्री देवदत्त खांडे, श्री अशोक कुमार यादव, वनरक्षक श्री सरोता बंजारे, श्री हरिनारायण बंजारे सहित चनेश राठिया, दीपक महंत, पदुमलाल राठिया, सूरज, खगेश राठिया, अजय, सत्येन्द्र, अतुल, उमेश और संजू यादव मौजूद रहे।





