नवा रायपुर क्षेत्र के तूता गांव में रहने वाले 36 परिवारों को उनके कब्जे की जमीन पर बने मकान तोड़ने का नोटिस जारी कर दिया गया है। 6 जुलाई तक जवाब मांगा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास स्थित ग्राम नकटी में गरीबों के 85 मकान तोड़ने का मामला अभी गरमाया हुआ है, इसी बीच नवा रायपुर क्षेत्र के तूता गांव में रहने वाले 36 परिवारों को उनके कब्जे की जमीन पर बने मकान तोड़ने का नोटिस जारी कर दिया गया है। 30 जुलाई को जारी इस नोटिस का जवाब 6 जुलाई तक देने कहा गया है। नोटिस के बाद मकान टूटने के डर से लोगों में दहशत के साथ नाराजगी है।
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण ने अपनी भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने अभनपुर तहसील के ग्राम तूता निवासी गयाराम पिता नथ्थू राम को कारण बताओ नोटिस जारी कर छह जुलाई तक जवाब देने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि प्राधिकरण की भूमि पर बिना अनुमति लगभग 700 वर्गफीट क्षेत्र में पक्का मकान बनाकर कब्जा किया गया है। गया राम के अलावा अन्य 35 परिवारों को इसी तरह का नोटिस दिया गया है। ग्रामीण ने बताया कि जिन 35 परिवारों को नोटिस दिया गया है, उनमें से 20 के मकान पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए हैं।
क्यों न तोड़ दिया जाए कब्जा
30 जून 2026 को जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित भूमि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की स्वामित्व वाली भूमि है। ग्राम तूता, पटवारी हल्का क्रमांक-15, राजस्व निरीक्षक मंडल-केंद्री, तहसील अभनपुर स्थित खसरा नंबर 645, कुल रकबा 25.967 हेक्टेयर के एक हिस्से पर 28×25 फीट (गया राम का कब्जा करीब 700 वर्गफुट) क्षेत्र में पक्का निर्माण किया गया है। प्राधिकरण का कहना है कि यह कब्जा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 के प्रावधानों के तहत अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि राज्य शासन की अधिसूचना के तहत नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक (भूमि) को तहसीलदार की शक्तियां प्राप्त हैं। इन्हीं अधिकारों का उपयोग करते हुए संबंधित व्यक्तियों से पूछा गया है कि उसके विरुद्ध अतिक्रमण हटाने और भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।
6 की सुबह 11 बजे दफ्तर आकर दें जवाब
प्राधिकरण ने संबंधित व्यक्ति को 6 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि निर्धारित समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
नकटी के बाद तूता
उल्लेखनीय है कि, ग्राम नकटी में हाल ही में 85 लोगों के मकान तोड़े गए हैं. इन पर शामिलात चरागन की जमीन पर कब्जा कर अवैध रूप से मकान बनाने का आरोप है। इस पूरे मामले को लेकर राज्य की सियासत जबरदस्त गरमाई हुई है। जिनके मकान टूटे हैं, वे राजधानी रायपुर में आकर कलेक्टर दफ्तर में प्रदर्शन कर चुके हैं। गुरुवार को इन लोगों ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी का निवास घेरकर विरोध जताया है।





