*दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में बिखरी भक्ति की अविरल धारा: सोनी परिवार ने अर्पित किया चाँदी का ‘जय श्री राम’ लॉकेट*
कोरबा। संकटमोचन श्री हनुमान जी की असीम कृपा और प्रभु श्रीराम के पावन आशीर्वाद से आर. पी. नगर (फेस-1) निवासी सोनी परिवार द्वारा भक्ति, श्रद्धा और पूर्ण विश्वास के साथ पाँच मंगलवार का पावन व्रत एवं विशेष पूजन अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न किया गया। श्रीमती वर्षा सोनी की दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के प्रति अटूट आस्था और अनन्य समर्पण इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान का केंद्र बिंदु रहा।
इस पावन अवसर पर हनुमान जी के श्रीचरणों में श्रद्धा और पूर्ण समर्पण के स्वरूप सोनी परिवार द्वारा चाँदी का अत्यंत सुंदर **”जय श्री राम”** अंकित लॉकेट सादर अर्पित किया गया।
*पाँच मंगलवार का कठिन व्रत और विशेष पूजन*
श्रीमती वर्षा सोनी ने प्रभु के प्रति अपनी गहरी निष्ठा को प्रकट करते हुए पाँच मंगलवार का पावन व्रत पूरी श्रद्धा के साथ पूर्ण किया। इस अनुष्ठान के समापन अवसर पर उनके पति श्री अवनीश सोनी एवं सुपुत्र अविरल सोनी सहित पूरे परिवार ने श्री मारुति नंदन की विशेष पूजा-अर्चना की और विश्व कल्याण तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर में उपस्थित श्रद्धालु श्रीमती वर्षा सोनी जी के इस अनुकरणीय और निश्छल भक्ति भाव को देखकर भावविभोर हो उठे।
*ढाई दशक पुराना है मंदिर का स्वर्णिम और दिव्य इतिहास*
इस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की महिमा और स्थापना का इतिहास बेहद अनूठा, दिव्य और आध्यात्मिक रहा है। मंदिर की स्थापना को सफलतापूर्वक 25 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। ढाई दशक पूर्व इस पावन धाम की नींव कामरूप कामाख्या (गुवाहाटी, असम) के ख्यातिप्राप्त पुरोहित स्वर्गीय मुक्ति नाथ झा, सीतामणी मंदिर के परम रामभक्त स्वर्गीय जगन्नाथ महाराज तथा छूरी के महाराज के पावन सानिध्य में रखी गई थी।
उस ऐतिहासिक समय में सांस्कृतिक नगरी बनारस (वाराणसी) से विशेष रूप से पधारे 5 मूर्धन्य विद्वान पंडितों के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ लगातार 5 दिनों तक भव्य महाअनुष्ठान और यज्ञ संचालित किया गया था। इसी महायज्ञ के उपरांत साक्षात् जाग्रत स्वरूप में दक्षिण मुखी हनुमान जी की दिव्य प्रतिमा प्रतिष्ठित की गई थी, जो आज भी हज़ारों भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र है।
*सदैव बनी रहे प्रभु की कृपा*
श्रद्धा, समर्पण और प्राचीन इतिहास के इस अद्भुत संगम पर सोनी परिवार ने संकटमोचन से प्रार्थना की कि प्रभु श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान जी की दिव्य कृपा समस्त भक्तों और पूरे समाज पर हमेशा बनी रहे। इस पावन अनुष्ठान के संपन्न होने पर मंदिर परिसर में ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के जयकारों की गूँज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।




