एस ई सीएल के कुसमुंडा खदान में एक ठेका कर्मी महिला को अन्य ठेकेदार के वाहन से चोट लग गई उसे कुसमुंडा में ही विभागीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया सब तरह की जांच और प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर ले जाने की सलाह चिकित्सकों ने दे दी लेकिन कुसमुंडा प्रबंधन इस मामले में खेल खेल गया और सब कुछ ठीक होने के बाद भी महिला कर्मी को कोरबा के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती करा दिया
यह मामला उस समय प्रारंभ हुआ जब खदान के अंदर काम कर रही कांति देवी नामक महिला को चोट लगी. सारी रिपोर्ट सामान्य होने के बावजूद एसईसीएल कुसमुंडा के जी एम और जी एम माइनिंग ने महिला को न्यू कोरबा हॉस्पिटल भेज दिया.
प्रबंधन द्वारा दो खेल खेला गया. सूत्र बताते हैं कि प्रबंधन द्वारा कह दिया गया है की महिला कर्मी चूंकि ठेका कर्मी है इसलिए उसके इलाज की व्यवस्था प्रबंधन नहीं बल्कि ठेकेदार द्वारा किया जाएगा जबकि खदान के अंदर दुर्घटना होने के पश्चात कर्मचारी के स्वास्थ्य सुविधा की संपूर्ण जवाबदारी होने के बावजूद बहाने बाजी की जा रही है
दूसरा खेल सामान्य चोट के बावजूद महिला कर्मी को निजी चिकित्सालय में भेजने का निर्णय आपसी मिली भगत को दर्शाता है।
गौरतलब है कि इस तरह के मामले अक्सर चर्चा में आते हैं।श्रमिक संगठन के जिम्मेदार लोग भी ऐसे मामलों में खामोशी इख्तियार कर प्रबंधन को परोक्ष रूप से सहयोग प्रदान कर देते हैं। जिसकी वजह से यह खेल निरंतर जारी है




