छत्तीसगढ़ बहुप्रतीक्षित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक विपक्ष की गैर मौजूदगी में पारित हो गया है। विधानसभा में लंबी चर्चा के बाद विधेयक पारित हो गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ बहुप्रतीक्षित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक विपक्ष की गैर मौजूदगी में पारित हो गया है। विधानसभा में लंबी चर्चा के बाद विधेयक पारित हो गया है। सत्तापक्ष की ओर से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने चर्चा शुरू करते हुए कहा कि, धर्म के आधार पर देश को विभाजित करने का काम कांग्रेस ने किया।
वहीं भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि, धर्मांतरण के साथ ही मतांतरण भी बड़ी समस्या है। आज कल टाइटल चेंज किए बगैर भी मतांतरण हो रहा है। ब्रेनवाश कर दूसरे धर्म का प्रचार किया जाता है। अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी को जाल में फंसाते हैं। ऐसे लोगों के लिए कठिन सजा का प्रावधान जरूरी है। इस विधेयक से धर्मांतरण को रोकने में मदद मिलेगी।
धर्मांतरण की आग अब जंगल से शहरों की ओर पहुंच रही- विजय शर्मा
विधेयक पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, धर्मांतरण की आग अब जंगल से शहरों की ओर आ चुकी है। इस कानून की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। आज इतने अहम विधेयक के समय विपक्ष सदन में मौजूद नहीं है। यह बहिर्गमन नहीं पलायन है, क्योंकि उनके वोटबैंक पर चोट लगेगी। हम यह विधेयक संविधान के दायरे के तहत लेकर आए हैं। हमने जिलों से धार्मिक स्थलों के निर्माण की जानकारी मंगाई। जिलों में धार्मिक स्थलों के निर्माण के लिए अनुमति नहीं ली गई। लेकिन बड़ी संख्या में धार्मिक स्थलों का निर्माण किया गया है।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को खिलौना बना लिया गया- धरमलाल कौशिक
भाजपा के सीनियर विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि, अनुमति के बगैर किए गए निर्माण कार्यों का परीक्षण हो। जहां भी अवैध निर्माण किया गया है जानकारी सामने आए। 1968 में बना धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को खिलौना बना लिया गया है। कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, कांकेर के जिला कलेक्टर की रिपोर्ट है। 2004 से 2021 तक एक भी धर्मांतरण की रिपोर्ट नहीं है। 2004 से अब तक यहां एक भी धार्मिक निर्माण की सूचना नहीं है। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा जो भी निर्माण कार्य हुए है। इसका परीक्षण कराया जाना चाहिए




