कोरबा। शासन ने नगर सैनिकों के लगातार विरोध के बाद आखिरकार जिला सेनानी को रायपुर अटैच कर दिया। उनके स्थान पर बुधवार को जिला सेनानी का प्रभार योगिता साहू ने ले लिया है। वे प्रभार संभालते ही सम्मेलन का आयोजन कर सैनिकों से रूबरू हुई। इस दौरान सैनिकों को सामंजस्य के साथ काम करते हुए किसी भी तरह की समस्या होने पर निराकरण का आश्वासन दिया। साथ ही बर्खास्त सैनिक की बहाली के लिए अनुशंसा कर प्रतिवेदन मुख्यालय भेज दिया।
नवपदस्थ जिला सेनानी की पहल से सैनिकों के चेहरे की रौनक लौट आई है। जिला सेनानी सुश्री साहू साल 2017 से विभाग में सेवा दे रही हैं। वे साढ़े चार साल तक जशपुर जिले में तैनात रही। इसके बाद उनका तबादला जांजगीर चांपा जिला किया गया। वे बीते दो साल से जांजगीर चांपा के अलावा सक्ती जिले का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही हैं। जिले में तैनात नगर सैनिक बीते दो माह से जिला सेनानी अनुज एक्का के खिलाफ मोर्चा खोलें हुए थे। सैनिकों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत भी की थी, इसके बावजूद किसी तरह पहल नहीं हुई। मामले में उस वक्त नया मोड़ आया जब बर्खास्तगी से परेशान एक सैनिक ने जहर का सेवन कर लिया। आक्रोशित सैनिक मंगलवार को धरने पर बैठ गए। यह खबर मिलते ही विभाग के उच्च अधिकारी एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने जांजगीर चांपा जिले के जिला सेनानी सुश्री साहू पर भरोसा जताते हुए कोरबा का प्रभार लेने आदेश जारी कर दिया। जिसका पालन करते हुए जिला सेनानी व अग्निशमन अधिकारी कार्यालय पहुंच कर प्रभार संभाल लिया। उन्होंने प्रभार संभालने के कुछ ही देर बाद सम्मेलन का आयोजन भी किया। नवपदस्थ जिला सेनानी के सामने महिला और पुरुष सैनिकों ने अपनी समस्या सुनाई। जिला सेनानी ने न सिर्फ उनकी समस्या को गंभीरता से सुनी बल्कि सैनिकों को आश्वस्त किया कि वे सभी उनके लिए समान हैं। उन्हें कभी भी किसी तरह की समस्या होती है तो सीधे जानकारी दे सकते हैं। उन्हें कभी भी सामंजस्य की कमी महसूस नहीं होगी। वे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करे। उनके समक्ष सैनिकों ने साथी सैनिक की बर्खास्तगी को लेकर भी बातें रखी, जिसे जिला सेनानी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल बर्खास्त सैनिक को बहाल करने की अनुशंसा करते हुए प्रतिवेदन मुख्यालय भेज दिया। नवपदस्थ जिला सेनानी ने अपने व्यवहार से सैनिकों का दिल जीत लिया। जिला सेनानी की त्वरित कार्रवाई और हित में निर्णय लेने की क्षमता ने सैनिकों के चेहरे पर खुशी लौटा दी है।




