भरत सिंह चौहान की रिपोर्ट
आधी रात को जन्मा शांति का राजकुमार
घड़ी की सुई जैसे ही आधी रात बारह पर पहुँची, चर्च की घंटियाँ गूंज उठीं और शांति के राजकुमार प्रभु यीशु के जन्मोत्सव का शुभारंभ हो गया। मसीही समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी और गले मिलकर खुशियाँ साझा कीं।
क्रिसमस पर्व को लेकर सेवा श्रम बम्बनिन बाना परसाही और कैथोलिक गिरजाघरों में बीते एक सप्ताह से विशेष तैयारियाँ की जा रही थीं। जगह-जगह कैरोल सिंगिंग और धन्यवाद सभा का आयोजन हुआ। प्रभु यीशु के आगमन के शुभ समाचार पर आधारित कैरोल गीतों की प्रस्तुति दी गई।
युवाओं का दल घर-घर जाकर मसीही गीत गाता नजर आया, जिन्हें लोगों ने नेग देकर विदा किया। बुधवार की रात चर्चों में बाइबिल उपदेश के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें बच्चों और युवाओं ने भाग लिया।
क्रिसमस डे के अवसर पर गुरुवार सुबह साढ़े 9 बजे से चर्चों में विशेष प्रार्थना सभा होगी। अकलतरा-बलौदा रोड स्थित कैथोलिक चर्च और सेवा श्रम में भी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। आधी रात को केक काटे गए और आतिशबाजी के साथ लोगों ने खुशियाँ मनाईं।
जांजगीर, चांपा, अकलतरा सहित आसपास के क्षेत्रों में रोमन कैथोलिक और मेनोनाइट समुदाय के घरों में क्रिसमस का उल्लास देखने को मिला।




