बांग्लादेशी कहकर मारे गए रामनारायण का शव पहुंचा गृह ग्राम,
जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अंतिम यात्रा में लिया भाग
केरल में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए रामनारायण बघेल का शव 6 दिन बाद उनके गृह ग्राम करही पहुंचा. शव पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई.हर आंख नम थी.अंतिम यात्रा में सक्ती SDM, तहसीलदार, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए.
इस मामले में केरल प्रशासन ने परिजनों की मांगों पर संवेदना दिखाई है. वहीं करही के मुक्तिधाम में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया. आरोपियों पर मॉब लिंचिंग और SC-ST एक्ट की धाराएं लगेंगी, SIT पूरे मामले की जांच करेगी. वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये एवं केरल सरकार की ओर से 10 लाख रूपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है. वहीं परिजनों ने छत्तीसगढ़ सरकार से बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाने, एवं उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है




