खप्पर नृत्य से वातावरण बना दुर्गा मय
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ज़िले में दुर्गा उत्सव की धूम व भक्ति और उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में पंचमी तिथि को एक ऐसा अनूठा आयोजन हुआ, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया—यह था खप्पर नृत्य।
गौरेला में दुर्गा उत्सव के पाँचवें दिन माँ दुर्गा के पंडालों में एक अद्भुत और पारम्परिक बंगाली खप्पर नृत्य की प्रस्तुति दी गयी, जिसमें बांग्ला समाज की महिलाओं ने हिस्सा लिया और इसे आकर्षण का मुख्य केंद्र बना दिया।
महिलाओं ने पारम्परिक बंगाली वेशभूषा—सफ़ेद और लाल रंग की साड़ी—में सज-धज कर माँ दुर्गा के सामने यह नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य की सबसे ख़ास बात यह थी कि महिलाओं ने अपने हाथों में जलती हुई धूनी लेकर नृत्य किया। यह दृश्य शक्ति और भक्ति का एक अनोखा संगम पेश कर रहा था। Clip
यह भव्य और पारम्परिक आयोजन गौरेला की खेरमाई दुर्गोत्सव समिति और आर्यवर्त ब्राह्मण महिला समिति द्वारा संयुक्त रूप से किया गया । इस खप्पर नृत्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक उमड़े, जिन्होंने इस अद्भुत प्रस्तुति की खूब सराहना की। Clip
यह आयोजन न सिर्फ़ सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, बल्कि नारी शक्ति की अदम्य भावना को भी प्रदर्शित करता है…..



