Home Astrology सुप्रीम कोर्ट बोला-फ्री खाना मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे: मुफ्त बिजली-पानी...

सुप्रीम कोर्ट बोला-फ्री खाना मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे: मुफ्त बिजली-पानी देने से काम करने की आदत ही खत्म हो जाएगी; सरकारें रोजगार दें

0
69

सुप्रीम कोर्ट बोला-फ्री खाना मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे: मुफ्त बिजली-पानी देने से काम करने की आदत ही खत्म हो जाएगी; सरकारें रोजगार दें

 

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फ्रीबीज कल्चर (मुफ्त की रेवड़ियां) पर कहा कि अगर सरकार लोगों को सुबह से शाम तक फ्री खाना, गैस और बिजली देती रहेगी तो लोग काम क्यों करेंगे। ऐसे तो काम करने की आदत खत्म हो जाएगी। सरकार को रोजगार देने पर फोकस करना चाहिए।

 

कोर्ट ने कहा कि गरीबों की मदद करना समझ में आता है, लेकिन बिना फर्क किए सबको मुफ्त सुविधा देना सही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। इसमें कंज्यूमर्स की फाइनेंशियल हालत की परवाह किए बिना सभी को फ्री बिजली देने का प्रस्ताव था।

Screenshot 2026 02 19 15 48 48 209 com.ak .ta .dainikbhaskar.activity edit

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि देश के ज्यादातर राज्य राजस्व घाटे में हैं और फिर भी वे विकास को नजरअंदाज करते हुए मुफ्त की घोषणाएं कर रहे हैं।

Screenshot 2026 02 19 15 49 56 947 com.ak .ta .dainikbhaskar.activity edit

CJI सूर्यकांत के 3 कमेंट

 

आपको लोगों के लिए रोजगार के रास्ते बनाने चाहिए, ताकि वे कमा सकें और अपनी इज्जत और आत्म सम्मान बनाए रख सकें। जब उन्हें एक ही जगह से सबकुछ मुफ्त मिल जाएगा तो लोग काम क्यों करेंगे। क्या हम ऐसा ही देश बनाना चाहते हैं?

 

अचानक चुनाव के आस-पास स्कीम क्यों अनाउंस की जाती हैं? अब समय आ गया है कि सभी पॉलिटिकल पार्टियां, नेता फिर से सोचें। अगर हम इस तरह से उदारता दिखाते रहे तो हम देश के डेवलपमेंट में रुकावट डालेंगे। एक बैलेंस होना चाहिए। ऐसा कब तक चलेगा?

 

हम भारत में कैसी संस्कृति विकसित कर रहे हैं? यह समझ में आता है कि कल्याणकारी योजना के तहत आप उन लोगों को राहत दें, जो बिजली का बिल नहीं चुका सकते। जो लोग भुगतान करने में सक्षम हैं और जो नहीं हैं, उनके बीच कोई फर्क किए बिना मुफ्त सुविधा देना क्या तुष्टीकरण की नीति नहीं है?

Screenshot 2026 02 19 15 50 48 994 com.ak .ta .dainikbhaskar.activity edit

पूरा मामला समझें

 

सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कंपनी ने 2024 के विद्युत संशोधन नियमों के नियम 23 को चुनौती दी है। इसमें उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी को मुफ्त बिजली देने का प्रस्ताव है।

 

राज्य सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को हर दो-महीने में लगभग 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देती है, बिना किसी शर्त के यानी उपभोक्ता चाहे कितना भी खर्च करे, पहली 100 यूनिट के लिए बिल नहीं देना होता।

 

कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है।

 

कोर्ट ने यह भी पूछा कि बिजली दरों की घोषणा के बाद तमिलनाडु की कंपनी ने अचानक मुफ्त बिजली देने का फैसला क्यों किया।

 

मुफ्त राशन बांटने पर सुप्रीम कोर्ट के पिछले बयान

 

यह पहली बार नहीं है, जब कोर्ट ने फ्रीबीज को लेकर सख्त टिप्पणी की है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 12 फरवरी 2025 को कहा था, ‘लोग काम करना नहीं चाहते, क्योंकि आप उन्हें मुफ्त राशन दे रहे हैं। बिना कुछ किए उन्हें पैसे दे रहे हैं।’

 

कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि इन लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की बजाय क्या आप मुफ्त की योजनाएं लागू करके परजीवियों की जमात नहीं खड़ी कर रहे हैं?

 

वहीं 9 दिसंबर 2024 को भी केंद्र सरकार के मुफ्त राशन बांटने पर सख्त टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था- कब तक ऐसे मुफ्त राशन बांटा जाएगा।

 

सरकार रोजगार के अवसर क्यों नहीं पैदा कर रही? तब कोर्ट अकुशल मजदूरों को मुफ्त राशन कार्ड दिए जाने से संबंधित मामले पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान केंद्र ने अदालत को बताया था कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत 81 करोड़ लोगों को मुफ्त या रियायती राशन दिया जा रहा है।

 

देश के राज्यों में चल रही मुफ्त योजनाएं

 

1. बिजली से जुड़ी मुफ्त / सब्सिडी योजनाएं

 

दिल्ली – हर महीने लगभग 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली

 

पंजाब – प्रति घर 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली –

 

झारखंड – प्रति माह 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली

 

राजस्थान- चयनित परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली

 

हिमाचल प्रदेश – 125 यूनिट तक मुफ्त

 

-बिहार – 125 यूनिट तक मुफ्त

 

मध्य प्रदेश – 100 यूनिट तक मुफ्त

 

तेलंगाना / आंध्र प्रदेश / पंजाब (खेती) – किसानों के लिए बिजली मुफ्त खेती उपयोग के रूप में दी जाती है

 

2. अन्य मुफ्त/सहायता योजनाएं

 

दिल्ली

 

महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा

 

पानी मुफ्त / सब्सिडी (स्थानीय योजना)

 

मध्य प्रदेश

 

लाडली बहना योजनाः महिलाओं को हर महीने आर्थिक

 

सहायता

 

मेधावी लड़कियों को स्कूटी मुफ्त

 

तमिलनाडु

 

महिलाओं को मासिक सहायता

 

सार्वजनिक परिवहन में अन्य सुविधाएं

 

झारखंड

 

कमजोर वर्ग की महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद

 

छत्तीसगढ़

 

गरीब महिलाओं को गैस सिलेंडर पर सब्सिडी

 

हरियाणा

 

महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद

error: Content is protected !!