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पर्यावरण बचाने एक पहल ऐसी भी:पेड़ काटे जाने पर बचपन में रोती थीं श्रद्धा; अब बर्तन बैंक खोलकर लोगों को कर रहीं जागरूक

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Acn18.com/बालोद जिले की रहने वाली श्रद्धा साहू ने पर्यावरण बचाने अनोखी पहल की है। वो बचपन में पेड़ काटे जाने पर रोया करती थीं। उन्हें लगता था ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। इससे पर्यावरण का काफी नुकसान पहुंच रह है। इसलिए उन्होंने कुछ साल पहले बर्तन बैंक ही खोल लिया। वो अब लोगों को भी जागरूक कर रही हैं कि सभी स्टील बर्तन का उपयोग करें, सार्वजनिक कार्यक्रम या किसी भी छोटे कार्यक्रम में भी प्लास्टिक का इस्तेमाल ना करें।

श्रद्धा मूल रूप से बालोद के नयापारा की रहने वाली हैं। मगर उनकी शादी दुर्ग के उमरपेटी में हुई है। इसके बावजूद उनका काम बालोद से ही संचालित है। उन्होंने नई पहल नाम से बर्तन बैंक की शुरुआत की थी। जिसके बाद आस-पास की महिलाएं उनसे जुड़ती गईं। आज उनके साथ 300 से ज्यादा महिलाएं काम कर रही हैं। ये सभी महिलाएं अलग-अलग समाजों में जाकर बर्तन देने का का्म मुफ्त में करती हैं। पिछले कुछ सालों से कई सार्वजनिक कार्यक्रम में भी इस बर्तन बैंक से लोगों ने बर्तन लेकर इस्तेमाल किया है।

2016 में शुरू हुआ सफर

श्रद्धा ने बताया कि 2016 में उन्होंने इस बैंक को शुरू किया था। उस समय उनके पास 500 बर्तन थे। जो अब बढ़ते जा रहे हैं। श्रद्धा बताती हैं कि उनकी ये पहल काम आ रही है। लोग अब दूसरे जिलों से भी उनके पास बर्तन लेने के लिए आते हैं।

ऐसे आया आइडिया

श्रद्धा ने बताया कि यह आइडिया वास्तविक रूप से हमारी संस्कृति से आया है। पहले के समय में लोग स्टील के बर्तनों में खाना खाते थे। जब सार्वजनिक भोज होता था तो लोग अपने घरों से स्टील की थाली और गिलास लेकर जाते थे। प्लास्टिक बैन को लेकर विभिन्न आयोजन होते हैं, लेकिन उन आयोजनों में भी प्लास्टिक का बेतहाशा उपयोग होता है। यह किसी मुहिम के साथ न्याय बिल्कुल भी नहीं हो सकता। इसके साथ न्याय तब होगा, जब हम अपने आप से इसकी शुरुआत करेंगे।

रायपुर के महापौर ने अपनाया

श्रद्धा साहू ने बताया कि उनके इस मुहिम को भिलाई नगर निगम, रिसाली नगर निगम और रायपुर नगर निगम ने अपनाया है। रायपुर के महापौर एजाज ढेबर ने पूरे रायपुर में 500 जगह बर्तन बैंक खोलने का फैसला लिया। यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। ऐसे ही प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस अभियान को अपनाना चाहिए।

कई जिलों में ये पहल सफल

उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग, बालोद दुर्ग, राजनांदगांव, में यह पहल बहुत सफल हुई है। बालोद के नयापारा में जागेश्वरी साहू अपनी टीम के साथ मेरे अभियान को आगे बढ़ा रही हैं। राजनांदगांव में ओमकार साहू आगे बढ़ा रहे हैं। जगदलपुर में तरुणा साहू इस अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।

कई पुरस्कार भी मिले

श्रद्धा साहू को प्रकृति के लिए शुरू की गई इस अभियान के लिए विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। शक्ति स्वरूपा सम्मान, वीरांगना सम्मान, अतुल्य शक्ति नारी सम्मान, कर्मा मैय्या सम्मान से उन्हें अब तक सम्मानित किया जा चुका है। इन्होंने अपने बर्तन बैंक के द्वारा स्वयं के स्टील गिलास से 126 कार्यक्रम में लोगों को पानी पिलाया है। इसके लिए इनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। श्रद्धा साहू स्टील बर्तन के साथ साथ पत्तों से बने थालियों के उपयोग के लिए भी लोगों को प्रेरित कर रही हैं।