जीपीएम जिले के 839 आंगनवाड़ी केंद्रों में चरणबद्ध आयोजन, प्रतिदिन 83 केंद्रों में हो रही विविध गतिविधियां’
स्वस्थ शिशु स्पर्धा, मातृ संवाद, नेवता भोज और पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी बने आकर्षण का केंद्र
रायपुर, 28 सितंबर 2026


सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जीपीएम जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगनवाड़ी मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के कुल 839 आंगनवाड़ी केंद्रों में चरणबद्ध रूप से आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 83 केंद्रों में महिलाओं, बच्चों और समुदाय की सहभागिता से पोषण, स्वास्थ्य एवं बाल विकास का संदेश दिया जा रहा है।
आंगनवाड़ी मिलन सेवा कार्यक्रमों में पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी, स्वस्थ शिशु स्पर्धा, बच्चों की खेल एवं चित्रकला प्रतियोगिता, पौधरोपण, नेवता भोज, गोदभराई, रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। बच्चों के मनोरंजन और रचनात्मक विकास को बढ़ावा देने के लिए समुदाय के सहयोग से आंगनवाड़ी केंद्रों में खिलौना बैंक भी स्थापित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रमों के दौरान ‘मातृ संवाद’ के माध्यम से माताओं को बच्चों के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं देखभाल के संबंध में आवश्यक जानकारी दी जा रही है। वहीं ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ पहल के तहत पोषण से भरपूर मुनगा के पौधों का रोपण कर परिवारों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
आंगनवाड़ी मिलन सेवा कार्यक्रमों के दौरान पात्र हितग्राहियों का प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पंजीयन भी किया जा रहा है। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों का सम्मान कर उनके कार्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बच्चों के बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रयास करने वाले हितग्राहियों और अभिभावकों को ‘पोषण शक्ति सम्मान’ से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया जा रहा है।
इन कार्यक्रमों में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से आंगनवाड़ी केंद्र केवल शासकीय सेवाओं के केंद्र न रहकर पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनजागरूकता के प्रभावी माध्यम के रूप में भी उभर रहे हैं। आंगनवाड़ी मिलन सेवा कार्यक्रमों के माध्यम से पोषण के साथ संस्कार, स्वास्थ्य के साथ जागरूकता और सेवाओं के साथ जनभागीदारी का संदेश घर-घर तक पहुंचाया जा रहा है।





