
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर से सामने आया एक “तोता ऑपरेशन” अब सियासी तूफान बनता जा रहा है। एक पालतू तोते को पेड़ से उतारने के लिए फायर ब्रिगेड के इस्तेमाल का वीडियो वायरल होते ही सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं—और अब इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है।
जिला मुख्यालय स्थित OBC बॉयज हॉस्टल के पास एक पालतू तोता पिंजरे से निकलकर पास के ऊंचे पेड़ पर जा बैठा। उसे नीचे उतारने के लिए फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पेड़ पर पानी की तेज बौछार कर तोते को नीचे लाने की कोशिश की जा रही है।यह घटना सामने आते ही सवाल उठने लगे—क्या फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवा का इस्तेमाल इस तरह के निजी काम के लिए किया जाना उचित है?
जैसे ही यह खबर मीडिया में छाई, मामला राजनीतिक रंग लेने लगा। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सीधा हमला बोलते हुए जांच की मांग कर दी है। पार्षद जय वट्टी ने बयान जारी कर कहा है कि अगर जिला प्रशासन जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करता, तो कांग्रेस बड़ा प्रदर्शन करेगी। वहीं युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग की है।
फिलहाल पूरा मामला चर्चा में है और प्रशासन की ओर से कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। एक तोते को पकड़ने की घटना अब सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और सिस्टम की प्राथमिकताओं पर बड़ा सवाल बन चुकी है। अब नजर इस बात पर है कि कार्रवाई होती है या मामला यूं ही ठंडा पड़ जाता है।




