
राजस्थान। वीरों की भूमि राजस्थान गोवंश की रक्षा के लिए कमर कस कर तैयार हो रहा है. राज्यपाल मुख्यमंत्री समेत तमाम जिम्मेदार लोग गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के प्रयास में अनवरत लगे हुए हैं. देश के संत भी राजस्थान भ्रमण कर प्रमुख लोगों से मुलाकात कर इस कार्य में लगे लोगों को आशीष प्रदान कर रहे हैं
परम पूज्य संत श्री श्री 1008 स्वामी प्रकाशानंद सरस्वती जी महाराज, पूज्य स्वामी रणधीर जी महाराज तथा पूज्य स्वामी मदन गिरी जी महाराज इन दिनों *”गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान”* दिलाने के उद्देश्य से राजस्थान के विभिन्न नगरों का प्रवास कर रहे हैं। इस जनजागरण एवं संवाद अभियान के अंतर्गत संतों द्वारा जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से भेंट कर गौसंरक्षण एवं भारतीय संस्कृति में गौ माता के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
इसी क्रम में संतों ने राजस्थान के महामहिम राज्यपाल श्री हरिभाऊ किशनराव बागड़े, राजस्थान सरकार की उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी, राजस्थान सरकार के गृह मंत्री श्री जवाहर सिंह बेदम, पूर्व मंत्री श्री नरपत सिंह राजवी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों से शिष्टाचार भेंट की।
इन बैठकों के दौरान गौसंरक्षण, गोचर भूमि की सुरक्षा, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण तथा गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान प्रदान किए जाने जैसे विषयों पर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई।
संतों ने इस अभियान को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा जनआंदोलन बताते हुए सभी से सहयोग का आग्रह किया।
संतों ने विश्वास व्यक्त किया कि समाज और शासन के संयुक्त प्रयास से गौसंरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा गौ माता के सम्मान एवं संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। राजस्थान प्रवास के दौरान अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं प्रशासनिक स्तर पर इस अभियान को व्यापक समर्थन प्राप्त हो रहा है।






