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सक्ती में चमत्कारी बाबा से लोग प्रभावित, चाल देखकर बता देते हैं लोगों का भविष्य, सनातन धर्म का कर रहे हैं प्रचार

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Acn18.com/पिछले कुछ समय से देशभर में बाबाओं के चर्चे चल रहे हैं.कुछ अपने विवादित बयान को लेकर तो कोई आध्यात्मिक ज्ञान को लेकर.सक्ती जिले में भी इन दिनों एक बाबा अपने विशेष दिनचर्या और चावल देखकर भविष्य बताने को लेकर चर्चा में है.आइए देखते हैं क्या खास है इस बाबा में क्यों इस संत को चाय वाले बाबा कहते हैं।

सक्ती जिले के छोटे से गांव रनपोटा में आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री भागवत कथन के लिए पहुंचे हुये थे..भागवत के साथ ही वे लोगों के भूत भविष्य और वर्तमान को बताते हैं..उनके दरबार में लोग केवल मुट्ठी भर चावल लेकर पहुंचते हैं और उसी चावल से भागवताचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री लोगों की कुंडली तैयार करते हैं।आचार्य नरेन्द्र नयन शास्त्री ने कहा कि मैं भगवती दुर्गा मां और ठाकुर जी को अपना आराध्य मानता हूं और जब किसी की भविष्यवाणी करनी होती है तब मैं अपने मन में उनको याद करता हूं जिसके बाद मुझे उस व्यक्ति की जन्मतिथि या नाम जानने की जरूरत नहीं होती एक मुट्ठी चावल से ही उसकी पूरी कुंडली तैयार हो जाती है.. उसका नाम क्या है.? वह कहां जन्म लिया है.? कौन सी तारीख को जन्म लिया है.? उसको क्या परेशानी हो रही है.? सब मेरे सामने आ जाता है और उसी के आधार पर उसके समस्या का निवारण करता हूं.इन सब में देवी भगवती दुर्गा मां मुझे अपना आशीर्वाद देती है और उसी से मैं यह कर पाता हूं…

जब लोग इस बाबा के दरबार से अपना भूत और भविष्य के बारे में जानकर बाहर निकले तो हमने पूछा की अंदर बैठे बाबा आपके एक मुट्ठी चावल देखकर भविष्य के बारे में आपको बताया उसमे कितनी सच्चाई है..? आप कितने सन्तुष्ट है..? तब उन्होंने कहा की बाबा जी को पहले से ही सब कुछ पता होता है.उनके बाताये हुए हर बात सत्य है.उनके आशीर्वाद मात्र से कष्ट दूर हो जाते है।

आचार्य नरेंद्र शास्त्री अपने चमत्कार और सिद्धि के लिए तो जाने जाते ही हैं साथ ही उनके सराहनीय कार्य ने उनको लोगों के दिलों में बसा दिया है.आचार्य नरेंद्र बताते हैं कि जहां भी पूजा-पाठ भागवत के लिए जाते हैं,वहां जो भी चढ़ावा,पैसा और सामान मिलता है,उसे उसी गांव के निर्धन कन्या को दान देकर आ जाते हैं.अपने साथ वहां से कुछ नहीं लाते हैं.अभी तक उन्होंने 286 कुंवारी कन्याओं को उनकी शादी के लिए लगभग 2 करोड़ से भी अधिक खर्च कर कन्यादान कर चुके है साथ ही उन्होंने कहा की जब तक मैं जीवित रहूंगा तब तक आगे भी कन्यादान करता ही रहूंगा कन्यादान से और इस संसार मे कोई दान नहीं है।

सनातन धर्म की परंपराओं को जीवित रखने और परिवारों में संस्कार पैदा करने के काम में चांवल वाले बाबा आचार्य नरेन्द्र नयन शास्त्री ने कदम बढ़ाए हैं,धार्मिक स्थलों की जानकारी को जन जन तक पहुंचाने के लिए यात्राओं का शुभारंभ किया गया है, उन्होंने कहा कि जब तक युवा वर्ग आगे नहीं आएंगा तब तक सनातन धर्म का प्रचार प्रसार नहीं किया जा सकता इसलिए युवा वर्ग के लोग आगे आकर सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करें।