नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इससे पहले मंगलवार को इस बिल पर करीब 9 घंटे तक चर्चा हुई थी। बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच बिल को सदन की मंजूरी मिली।
वहीं, राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाला विधेयक भी पारित कर दिया गया। प्रस्तावित कानून में राष्ट्रगीत के अपमान की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
लोकसभा में पेपर लीक संशोधन बिल पास
लोकसभा में पेपर लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक लगाने से जुड़े संशोधन विधेयक को ध्वनि मत से मंजूरी दी गई। यह विधेयक 2024 में बनाए गए कानून में संशोधन से संबंधित है।
बिल पर मंगलवार को सदस्यों ने करीब 9 घंटे तक चर्चा की। बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच इसे सदन में पारित कर दिया गया। सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कानून में संशोधन की बात कही गई है।
राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ अपमान को लेकर बिल पास
दूसरी ओर, राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाला विधेयक पारित किया गया। कानून में ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि राष्ट्रगीत के सम्मान और उसकी गरिमा को बनाए रखने के लिए यह प्रावधान महत्वपूर्ण है।
जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
संसद में चल रही बहस के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर गोली चलाने का आदेश देने का आरोप लगाया, लेकिन इसका कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि गोली चलाने का आदेश गृह मंत्री नहीं बल्कि संबंधित परिस्थितियों में मजिस्ट्रेट, डीएम या एसडीएम जैसे सक्षम अधिकारी देते हैं। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को तथ्यों के बिना की गई टिप्पणी बताया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान गोली नहीं चली थी, बल्कि टियर गैस का इस्तेमाल किया गया था।
गृह मंत्री के काफिले को लेकर भी उठाए सवाल
जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें गृह मंत्री के साथ 30 गाड़ियों के काफिले की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के साथ इस तरह 30 गाड़ियों का काफिला नहीं चलता।
उन्होंने राहुल गांधी के विदेश जाने से जुड़े दावों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सदन में बिना तथ्यों के जिम्मेदारी से बयान देना उचित नहीं है।
21 जुलाई के प्रदर्शन का भी किया जिक्र
जितेंद्र सिंह ने 21 जुलाई को नेता प्रतिपक्ष के प्रधानमंत्री आवास के बाहर बैठने का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने के लिए कहा गया तो राहुल गांधी ने खुद को उठाए जाने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में राहुल गांधी प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे, क्योंकि उन्हें लगा कि यह आम आदमी पार्टी का आंदोलन है। बाद में उन्होंने इसमें शामिल होने का फैसला किया।






