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लाटा महाराज बोले- जीवन का संविधान है राम कथा. पाश्चात्य सभ्यता का अनुकरण करने से सुख शांति गायब

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कोरबा . प्रसिद्ध राम कथा वाचक शंभू शरण लाटा महाराज ने कहा है कि अंधानुकरण के बजाय सही चीजों का अनुसरण करने से व्यक्ति का जीवन बेहतर हो सकता है। राम कथा के चरित्र और प्रसंग यह सबक देते हैं कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं। पीली कोठी में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने इस बात को कहा।

कोरबा के दीनदयाल मार्केट स्थित पीली कोठी में साथ दिवसी श्री राम कथा से पहले मीडिया से हुई बातचीत में शंभू शरण महाराज ने कहा की राम कथा अपने आप में महानता से जुड़ा विषय है और यह जीवन के लिए एक संविधान भी है। शंभू शरण महाराज ने जोर देकर इस बात को भी कहा कि पाश्चात्य सभ्यता के चक्कर में लोगों के पास संसाधन और सुविधाएं तो आ गई हैं लेकिन सुख शांति गायब है। भारतीय जीवन दर्शन और यहां की परंपराएं उसे अपनी संस्कृति जोड़ती हैं इसलिए इस दिशा में नई पीढ़ी को गंभीरता दिखानी चाहिए। राम कथा आयोजन के लिए बनाई गई समिति के सदस्य कैलाश नाथ गुप्ता ने बताएंगे इस तरह के आयोजन शहर के लिए आवश्यक है लोगों को इनसे जुड़ना चाहिए।इस अवसर पर भारत विकास परिषद की स्थान इकाई के कार्यकर्ताओं ने शंभू शरण लाटा महाराज से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया। कोरबा जिले में चलाए जा रहे नेत्रदान और देहदान जागरूकता कार्यक्रम के बारे में उन्होंने राम कथा वाचक को जानकारी दी।

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