भिलाई नगर निगम से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डिप्टी कमिश्नर को देर से पहुंचने और ड्रेसकोड का पालन नहीं करने पर कड़ी फटकार लगाई।
भिलाई नगर निगम से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निगम के डिप्टी कमिश्नर को कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय की सिंगल बेंच ने अधिकारी के देर से अदालत पहुंचने और उनके पहनावे पर नाराजगी जाहिर की।
तय समय पर कमिश्नर की गैरहाजिरी पर कोर्ट सख्त
दरअसल, मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि भिलाई नगर निगम कमिश्नर जरूरी कारणों से उपस्थित नहीं हो सके हैं और उनकी जगह डिप्टी कमिश्नर अदालत में पेश हुए हैं। इस पर अदालत ने सबसे पहले तय समय पर अधिकारी के उपस्थित नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि, लगातार सूचना देने के बावजूद अधिकारी समय पर क्यों नहीं पहुंचे, जबकि मामला उनकी वजह से लंबित पड़ा हुआ है।
ड्रेसकोड को लेकर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने अधिकारी से उनकी पहचान पूछी। अधिकारी ने खुद को भिलाई नगर निगम का डिप्टी कमिश्नर बताया। इसके बाद कोर्ट की नजर उनके पहनावे पर गई, जिस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या उन्हें यह जानकारी नहीं है कि हाईकोर्ट में किस ड्रेसकोड में उपस्थित होना चाहिए। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, जैसा मन किया, वैसे ही चले आए।
अधिकारी की पहचान और पद को लेकर कोर्ट ने किए सवाल
अदालत ने आगे अधिकारी से पूछा कि, वे सीएमओ हैं या डिप्टी कमिश्नर। जवाब में अधिकारी ने खुद को डिप्टी कमिश्नर बताया। इसके बाद कोर्ट ने यह भी पूछा कि वे प्रमोटी अधिकारी हैं या डायरेक्ट भर्ती से चयनित हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि वे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। हाईकोर्ट ने डिप्टी कमिश्नर को भविष्य में तय ड्रेसकोड और अनुशासन का पालन करते हुए अदालत में उपस्थित होने की हिदायत दी। इसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई गई





