गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में संचालित डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन सेवा ने एक बार फिर अपनी त्वरित और संवेदनशील कार्यशैली का परिचय दिया। प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही डायल-112 वाहन में स्वस्थ बालक को जन्म दिया।
■ डायल-112 पर मिली सूचना, तुरंत रवाना हुई टीम
जानकारी के अनुसार, ग्राम गांगपुर निवासी मानसिंह ने डायल-112 पर कॉल कर प्रसव पीड़ा से पीड़ित महिला के लिए तत्काल सहायता मांगी थी। सूचना मिलते ही गौरेला फाल्कन-2 (खोडरी) की टीम मौके के लिए रवाना हुई। टीम में आरक्षक राजाराम बसंत और चालक संतोष राठौर शामिल थे।
■ अस्पताल ले जाते समय बढ़ी प्रसव पीड़ा
टीम ने प्रसूता सरस्वती मरपच्ची (22 वर्ष), पति विनोद मरपच्ची को उनके परिजनों और मितानिन के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला ले जाना शुरू किया। इसी दौरान ग्राम गिरवर के पास महिला की प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई और स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई।
■ वाहन में ही कराया गया सुरक्षित प्रसव
परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 कर्मियों ने तुरंत वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोका। महिला की गरिमा और गोपनीयता का ध्यान रखते हुए वाहन में पर्दे की व्यवस्था की गई। मितानिन और परिजनों के सहयोग से डायल-112 वाहन में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।
■ स्वस्थ बालक का जन्म, जच्चा-बच्चा सुरक्षित
प्रसूता ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ पाए गए। इसके बाद डायल-112 टीम ने दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला पहुंचाया, जहां उनका उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण जारी है।
■ ग्रामीणों ने की टीम की सराहना
इस मानवीय घटना की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। ग्रामीणों ने डायल-112 टीम की तत्परता और संवेदनशीलता को अनुकरणीय बताया है। यह घटना डायल-112 फेस-2 सेवा की प्रभावशीलता और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।



