2028 चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस, प्रशिक्षण शिविर से संगठन मजबूत करने पर फोकस : दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं में इसे लेकर खासा उत्साह है। उन्होंने बताया कि शिविर में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के साथ-साथ प्रदेश सरकार के खिलाफ जनहित के मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने की रणनीति तैयार की जा रही है। उनका कहना है कि प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जा रहा है।
2028 विधानसभा चुनाव को लेकर शुरू हुई तैयारी
दीपक बैज ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल वर्तमान राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर भी रणनीति बनाई जा रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जिला अध्यक्ष और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य पूरी ताकत के साथ चुनावी मुकाबले की तैयारी करना है।
रामविचार नेताम के बयान पर किया पलटवार
प्रशिक्षण शिविर पर मंत्री रामविचार नेताम की टिप्पणी का जवाब देते हुए बैज ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को गांधीवादी विचारधारा की शिक्षा देती है, न कि नफरत की राजनीति की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि मंत्री एक घंटे भी कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में बैठ जाएं तो उन्हें कांग्रेस की विचारधारा समझ में आ जाएगी।
भगवान राम के नाम पर राजनीति का आरोप
चंदखुरी में भगवान श्रीराम की नई प्रतिमा स्थापित नहीं होने के मुद्दे पर बैज ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय प्रतिमा बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार केवल भगवान राम के नाम पर राजनीति कर रही है और वास्तविक कार्यों में रुचि नहीं दिखा रही।
आपत्तिजनक पोस्ट मामले में कार्रवाई की मांग
सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में बैज ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले लोगों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था कमजोर पड़ गई है और सरकार इस तरह के मामलों में प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
यूसीसी और आदिवासी हितों पर उठाए सवाल
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बैज ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय निवास करता है और ऐसे में पेसा कानून तथा पांचवीं अनुसूची से जुड़े अधिकारों को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से पूछा कि यूसीसी लागू करने की आवश्यकता क्या है और इससे आदिवासी समाज को क्या लाभ मिलेगा।
सक्ती गोलीकांड और कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा
सक्ती गोलीकांड का उल्लेख करते हुए बैज ने कहा कि कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। समिति पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरी स्थिति का आकलन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और कांग्रेस इसके विरोध में बड़े स्तर पर आंदोलन की तैयारी कर रही है।
खाद संकट पर सरकार पर साधा निशाना
प्रदेश में खाद की कमी और टोकन व्यवस्था समाप्त किए जाने पर बैज ने कहा कि किसानों और कांग्रेस के विरोध के कारण सरकार को नियम बदलने पड़े। हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि केवल टोकन व्यवस्था हटाने से किसानों की समस्या खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि खाद की कमी के कारण किसी किसान को नुकसान होता है या कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी



