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​बालको में भव्य रामलीला का समापन: 49 वर्षों से अनवरत जारी है परंपरा, ‘राम कचहरी’ के विकास का हुआ आह्वान

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भारत एल्युमिनियम मजदूर संघ (इंटक) के तत्वावधान में बालको नगर में आयोजित भव्य रामलीला का समापन अत्यंत उत्साह और धार्मिकता के साथ हुआ। रामलीला के अंतिम दिन भगवान श्री राम के आशीर्वाद और भव्य मंचन के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रेस क्लब कोरबा के संरक्षक कमलेश यादव उपस्थित रहे।

​अतिथि सत्कार और भव्य उपस्थिति

​समारोह के अंतिम दिवस बालको के कई गणमान्य अधिकारी और विभिन्न मजदूर संघों के पदाधिकारी भी मंच पर विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सभी अतिथियों का स्वागत इंटक के महासचिव जयप्रकाश यादव और उनकी टीम द्वारा आत्मीयता के साथ किया गया।

​49 वर्षों की गौरवशाली परंपरा

​कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने बालको में इंटक द्वारा पिछले 49 वर्षों से लगातार रामलीला के सफल आयोजन पर खुशी जताई और इसके लिए आयोजकों को साधुवाद दिया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा पर गर्व होना चाहिए। आने वाली पीढ़ी भी भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ी रहे और पूजा-अर्चना करती रहे, इसके लिए ऐसे धार्मिक मंचन का होते रहना बेहद जरूरी है।

 

​’राम कचहरी’ को पर्यटन और तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की मांग

​मुख्य अतिथि कमलेश यादव ने अपने संबोधन में बालको की स्थापना से जुड़े ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बालको को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ‘फुटका पहाड़’ का पौराणिक इतिहास बहुत समृद्ध है।

​मान्यता के अनुसार, भगवान राम अपने वनवास के दौरान इस स्थान पर आए थे और यहाँ उन्होंने वनवासियों को दुष्ट प्रवृत्तियों के लोगों तथा हिंसक जानवरों से मुकाबला करने के तरीके सिखाए थे। इस ऐतिहासिक और पवित्र स्थल को आज भी ‘राम कचहरी’ के रूप में जाना जाता है।

​कमलेश यादव ने बालको प्रबंधन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से जोरदार आह्वान किया कि वे आगे आएं और ‘राम कचहरी’ का सर्वांगीण विकास करें, ताकि यह पावन स्थल और अधिक भव्य बनकर एक प्रमुख पूज्य एवं दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित हो सके।

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