
नारायणपुर जिले के भरंडा गांव में धर्मांतरण के मुद्दे पर उपजा तनाव, लगभग 12 घंटे की गहन चर्चा और प्रशासनिक हस्तक्षेप के उपरांत शांत होता दिखा। मंगलवार की सुबह से शुरू हुआ यह गतिरोध देर रात तक चला, जिसके कारण समूचा गांव पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
स्थिति को नियंत्रण में लाने और समाधान खोजने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीएम लगातार घटनास्थल पर उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने आदिवासी समुदाय तथा मतांतरित पक्ष के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की वार्ताएं कीं।
जानकारी के अनुसार, देर रात तक चली बैठक के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और मतांतरित परिवारों के बीच एक सहमति का मार्ग प्रशस्त हुआ। बताया जा रहा है कि मतांतरित परिवारों को एक माह का समय दिया गया है। इसी सहमति के बाद दिनभर चला गतिरोध समाप्त हुआ और तनावपूर्ण माहौल में कुछ हद तक राहत महसूस की गई।
वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के लोग अपने घरों से बाहर सड़क किनारे एकत्र रहे। देर रात तक चली चर्चा और प्रशासनिक प्रयासों के बाद यह विवाद फिलहाल थम गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की पुरजोर अपील की है।




