सीएसईबी प्लांट में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप सामने आया है। आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से करीब 3 करोड़ रुपये कीमत के स्क्रैप ट्रांसफार्मर को नियम विरुद्ध बेच दिया गया। घटना के 1 माह बीत जाने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों और ठेकेदारों में नाराजगी है।
*क्या है पूरा मामला*
ठेकेदारों का आरोप है कि सीएसईबी प्लांट परिसर में रखे गए पुराने स्क्रैप ट्रांसफार्मर को अधिकारियों ने मिलीभगत कर औने-पौने दाम में बेच दिया। इस ट्रांसफार्मर की अनुमानित लागत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
*अधिकारी सुनील चौहान पर लगे आरोप*
ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे खेल में अधिकारी सुनील चौहान की मुख्य भूमिका है। शिकायत के बाद भी बड़े अधिकारी सुनील चौहान और संबंधित ठेकेदारों को बचाने में लगे हैं। मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
*1 माह बाद भी जांच नहीं*
ठेकेदारों के मुताबिक उन्होंने 1 महीने पहले ही प्रबंधन और उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। लेकिन अब तक न तो जांच कमेटी बनाई गई और न ही किसी पर कार्रवाई हुई।
-ठेकेदारों में आक्रोश*
मामला सामने आने के बाद प्लांट के ठेकेदार संगठनों में आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।
फिलहाल सीएसईबी प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारी सुनील चौहान से भी संपर्क नहीं हो पाया है।
*जांच की मांग*
ठेकेदार संघ ने कलेक्टर और ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और हुए नुकसान की वसूली की मांग की गई है।





