राजधानी रायपुर जिले में हैवान पिता की करतूत उजागर हुआ है। नाबालिग बेटी से सालों तक शारीरिक शोषण करता रहा। पुलिस ने बेटी की शिकायत पर पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रायपुर। रायपुर के अमलीडीह में एक व्यक्ति पर उसकी बेटी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। बेटी ने पिता पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए उसे बालिग बताकर प्रसव कराने और उसके बच्चे को डेढ़ लाख रुपए में बेचने की एफआईआर कराई। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। आरोपियों में पीड़िता की बुआ और एक महिला डॉक्टर और उसके परिजन भी शामिल हैं। साथ ही पुलिस ने बच्चे को भी बरामद कर लिया है। उसे खरीदने वाले को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
तीन साल तक करता रहा दुष्कर्म
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके पिता और मां के बीच विवाद था। उसके बाद मां अलग रहने चली गई। पीड़िता के दो भाई-बहन और थे जिन्हें दादा-दादी के पास छोड़ दिया था। उसका पिता वर्ष 2023 में उसे अमलीडीह स्थित अपने एक रिश्तेदार के घर लेकर आया था। यहां लाने के बाद वह हर रोज उसे धमकी देकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करता रहा। भय के कारण पीड़िता इसकी जानकारी किसी को नहीं दे पाई। इस बीच जब उसे गर्भ ठहरा, तो उसने मदद के लिए इसकी जानकारी अपनी बुआ को दी, लेकिन बुआ ने गर्भ ठहरने की जानकारी उसके पिता को दे दी।
पिता का जुल्म सहती रही पीड़िता
इसके बाद पिता ने बुआ के साथ मिलकर जबरदस्ती दवा खिलाकर उसका गर्भपात कराया। उसके बाद भी वह फिर मारपीट और धमकी देकर लगातार उसके साथ दुष्कर्म करता है। लगभग तीन साल तक पिता का जुल्म पीड़िता सहन करती रही। वर्ष 2025 में वह दोबारा गर्भवती हो गई, लेकिन इस बार गर्भपात कराने का समय निकल चुका था, उसके बाद पिता ने बहन के साथ मिलकर उसे डॉक्टर बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल 34 वर्ष, निवासी लिटिल स्टार होम, ऋषभ नगर न्यू राजेन्द्र नगर के घर ले गई।
पीड़िता को विवाहित बताकर एवं उम्र छिपाकर हॉस्पिटल में कराया प्रसव
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि पीड़िता का प्रसव डंगनिया रायपुर स्थित वासुदेव हॉस्पिटल कराया है। प्रसव के लिए आरोपियों ने हॉस्पिटल में पीड़िता को भर्ती कराने से पहले उसकी कम उम्र को छिपाने के लिए पहले उसके आधार में उम्र को फर्जी तरीके से बढ़ाया तथा उसे विवाहित बताया। इसके बाद ही हास्पिटल में उसका प्रसव हुआ। इस काम में पीड़िता के पिता, बुआ एवं बरखा के साथ उसके पति साहेब मंडल 42 वर्ष, रोहित कुमार राय 35 वर्ष निवासी करण नगर चंगोराभाठा तथा रोहित की पत्नी योगिता राय उर्फ गीता 32 वर्ष निवासी करण नगर चंगोराभाठा शामिल रही। बरखा ने पीड़िता को अपने घर के बाद योगिता के घर में भी ठहराया था।
जन्मे बच्चे को डेढ़ लाख में बेचा
पीड़िता ने एक पुत्र को जन्म दिया। जन्मे बच्चे को भी आरोपियों ने मिलकर डेढ़ लाख रुपए में बेच दिया। बच्चे को बेचने के दौरान विक्रेताओं एवं खरीदारों के बीच कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं। बताया गया कि बच्चे को पहले 15 दिनों तक गीता राय के घर पर रखा गया था, बाद में उसे खरीदने वाले परिवार के सुपुर्द कर दिया।
आरोपियों के विरुद्ध इन धाराओं के तहत केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध धारा 64(2) (एफ), 65, 336, 337, 61(2), 351(2), 115(2), 89, 3(5) बीएनएस धारा 4(2),5(एन), 6 पॉक्सो एक्ट, धारा 81 जे.जे. एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्र किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल भी जब्त किए हैं






