Acn18.com/इस दीपावली किसी के घर में दीपों की रोशनी है, तो किसी के जीवन में उम्मीदों का नया उजाला। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के धुरकोट गांव के रहने वाले 10 वर्षीय रिमोन टंडन और उसके परिवार के लिए इस बार की दीपावली ढेरों खुशियों और एक नई आस लेकर आई है।

रिमोन एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसके कारण उसका शारीरिक विकास रुक गया है। उसकी उम्र 10 साल है, लेकिन शारीरिक बनावट करीब 3 साल के बच्चे जैसी है। लंबे समय से बेहतर इलाज की बाट जोह रहे इस परिवार के लिए अब इंतजार के खत्म होने की उम्मीद जग गई है।
रिमोन की इस दुर्लभ बीमारी के इलाज के लिए बेहद जरूरी और महंगे इंजेक्शन अब फ्रांस से रवाना हो चुके हैं। आने वाले कुछ दिनों में इन इंजेक्शनों के अस्पताल पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद रिमोन का जीवनरक्षक उपचार शुरू कर दिया जाएगा। clip
रिमोन के परिवार की आर्थिक स्थिति इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थी। इस कठिन परिस्थिति में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संवेदनशीलता दिखाते हुए रिमोन के इलाज के लिए 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। राहत की बात यह है कि स्वीकृत राशि सीधे अस्पताल के खाते में भी हस्तांतरित कर दी गई है।
परिवार के लिए यह 12 लाख रुपये की सहायता महज एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके लाडले के बेहतर भविष्य की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। लंबे समय से इलाज की चिंता, तंगहाली और अनिश्चितता के बाद अब माता-पिता की आंखों में फिर से उम्मीद के सपने चमकने लगे हैं।
दीपक के साथ जगी उम्मीदों की लौ
इस दीपावली रिमोन के घर में सिर्फ दीयों की रोशनी नहीं फैली है, बल्कि एक नई उम्मीद भी रोशन हुई है। शासन की समय पर मिली आर्थिक सहायता और परिवार के अटूट हौसले ने रिमोन के जीवन में उजाला भर दिया है। अब पूरे परिवार और इलाके के लोगों को उस दिन का बेसब्री से इंतजार है, जब रिमोन का इलाज शुरू होगा और उसके स्वस्थ जीवन की नई यात्रा की शुरुआत होगी।





