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नशामुक्त एवं शिक्षायुक्त समाज की स्थापना में नारी शक्ति की अहम भूमिका – धनमती यादव ​.

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वर्गभेद मिटाकर सामाजिक समरसता और रोटी-बेटी के संबंधों को बढ़ावा देने का महिलाओं ने लिया संकल्प
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रायपुर : रायपुर के मठपारा स्थित यादव भवन में सर्व यादव समाज महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के लगभग 15 जिलों से महिला पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान संगठन विस्तार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता, शिक्षा, नशामुक्त समाज के निर्माण और रोटी-बेटी के संबंधों को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।

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​प्रमुख पदाधिकारियों के विचार:
​प्रदेश अध्यक्ष धनमती यादव।ने कहा कि यादव समाज की महिलाओं को अब केवल घर-परिवार तक सीमित न रहकर समाज के विकास के लिए समय देना होगा। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ समाज की बेटियां शिक्षा में आगे बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में आ रहा है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने महिलाओं से नशामुक्त और शिक्षायुक्त समाज बनाने का आह्वान किया।

​संगीता यादव: वर्गभेद समाप्त कर सामाजिक समरसता और रोटी-बेटी के संबंधों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियां निभाने के लिए भी आगे आना चाहिए।
​हरबाई यादव (नवनियुक्त पदाधिकारी): समाज में महिलाओं के पर्याप्त प्रतिनिधित्व और विभिन्न आयोगों व निगम-मंडलों में भागीदारी के लिए संगठित होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

​गीता यादव। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए हर तीन माह में अलग-अलग जिलों में बैठक करने और दिसंबर माह में प्रदेश स्तरीय महिला सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।
​किरण यादव (कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष): महिलाओं से एकजुट होकर समाज हित में कार्य करने, जनचेतना जगाने और नशामुक्त अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
​सरिता यादव (बिलासपुर जिला महामंत्री): बिलासपुर जिले में सावन उत्सव, तीज मिलन और वृक्षारोपण जैसी सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी।

​मुख्य बिंदु:
​नशामुक्त एवं शिक्षायुक्त समाज के निर्माण में नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी पर जोर।
​वर्गभेद मिटाकर सामाजिक समरसता और रोटी-बेटी के संबंधों को मजबूत करने का निर्णय।
​संगठन विस्तार के लिए प्रत्येक 3 माह में विभिन्न जिलों में बैठक और दिसंबर में प्रदेश स्तरीय सम्मेलन का प्रस्ताव।
​बिलासपुर में सावन उत्सव, तीज मिलन और वृक्षारोपण जैसे सामाजिक अभियानों की निरंतरता।

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