बिलासपुर। बिलासपुर में सोने-चांदी के गहनों से भरे घड़े का लालच देकर किसान से 6 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले किसान को बेहद कम कीमत में गहने देने का झांसा दिया और सौदा तय होने के बाद रुपए लेकर उसे गहनों से भरी बोरी थमा दी। इसके बाद रास्ते में नकली पुलिस बनकर कार रुकवाने और बोरी जब्त करने का नाटक किया गया। मामले में कई लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है और पुलिस पूरी घटना की कड़ियां जोड़ते हुए जांच में जुटी है।
मुंगेली जिले के गाड़ाघाट निवासी किसान विष्णु बघेल को उसके परिचित पालन भास्कर ने बताया था कि उसके परिचित को सोने-चांदी के गहनों से भरा घड़ा मिला है और गहने बाजार कीमत से काफी कम दाम में मिल सकते हैं। करीब 20 लाख रुपए कीमत के गहनों का सौदा 12 लाख रुपए में तय हुआ। पहली किस्त के तौर पर 6 लाख रुपए देने की बात तय होने पर 31 अगस्त की रात किसान अपने भांजे के साथ रुपए लेकर कुरदर पहुंचा।
वहां पालन भास्कर, संजय पनिक और पसउ बैगा मिले और सभी बलराम यादव के घर पहुंचे। रात करीब 11 बजे किसान ने 6 लाख रुपए दिए और गहनों से भरी बोरी लेकर कार से वापस रवाना हो गया। कुछ दूर जाने के बाद पालन ने तबीयत खराब होने की बात कहकर कार रुकवाई, जबकि पसउ ने मोबाइल गुम होने का बहाना बनाया और दोनों कार से उतर गए। किसान ने जब गहनों की बोरी के बारे में पूछा तो उसे बताया गया कि सेमरिया मोड़ के पास पुलिस ने कार की तलाशी लेकर बोरी जब्त कर ली है। इसके बाद आरोपियों के मोबाइल बंद हो गए और किसान को ठगी का अहसास हुआ।
मामले में 6 सितंबर को उस समय नया मोड़ आया, जब किसान को मुंगेली कलेक्टर कार्यालय के पास वही व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे उसने सेमरिया में तीन स्टार वाली पुलिस वर्दी में देखा था। पूछताछ में उसकी पहचान लोकेश राजपूत के रूप में हुई। इसके बाद किसान ने कोटा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अब मामले की पूरी कड़ी की जांच कर रही है कि किसान को गहनों का लालच देने से लेकर उससे 6 लाख रुपए लेने और फिर नकली पुलिस बनकर रास्ते में गहनों की बोरी जब्त करने का नाटक करने तक इस पूरी साजिश में कौन-कौन शामिल था। पुलिस आरोपियों की भूमिका और घटना में इस्तेमाल किए गए तरीके की भी जांच कर रही है।





