Acn18.com अमरिक सिंह रिंकू कुसमुंडा
नगर निगम के कामकाज को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि जिन निगम वाहनों का इस्तेमाल शहर की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए होना चाहिए, उन्हीं वाहनों से इन दिनों दिया-बाती और फ्लेक्स-पोस्टर जैसी सामग्री पहुंचाई और बांटी जा रही है। सवाल यह है कि आखिर यह व्यवस्था किसके आदेश पर की गई?
शहर के कई वार्डों में पानी, बिजली और नालियों की सफाई जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। स्थानीय स्तर पर इन समस्याओं के समाधान की मांग लगातार उठती रही है। लेकिन आरोप है कि उपलब्ध निगम संसाधनों का इस्तेमाल दूसरे कार्यों में किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी के तहत कार्य करने वाले सहायिका और सहायक को भी सामग्री बांटने के लिए भेजा गया। इसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि अगर यह सामग्री महापौर या निगम आयुक्त के आदेश पर भेजी जा रही है, तो संबंधित वार्ड पार्षदों तक इसकी जानकारी या सामग्री क्यों नहीं पहुंचाई गई?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि निगम के वाहनों और कर्मचारियों के इस्तेमाल की अनुमति आखिर किसके आदेश से दी गई?
वहीं, जब इस मामले को लेकर बड़े अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की गई, तो कथित तौर पर उन्होंने मामले की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या सफाई देता है।









