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CG NEWS : सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा डिजिटल बदलाव, छत्तीसगढ़ में समाधान ऐप से होगा किराएदारों का वेरिफिकेशन

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CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ में किराएदारों और घरेलू सहायकों के पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अब पहले से आसान होने जा रही है। मकान मालिकों और नियोक्ताओं को सत्यापन के लिए बार-बार थाने के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। अब वे घर बैठे ‘समाधान ऐप’ के माध्यम से ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। डिजिटल सुविधा के जरिए पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने की कोशिश की गई है।

थाने जाने की जरूरत नहीं

अब तक किराएदार या घरेलू कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के लिए संबंधित थाने में आवेदन देना पड़ता था। इसमें समय लगने के साथ लोगों को दस्तावेज लेकर पुलिस कार्यालय या थाने जाना पड़ता था।

नई ऑनलाइन व्यवस्था के बाद आवेदन प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जा सकेगी। इससे लोगों का समय बचेगा और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।

‘समाधान ऐप’ से होगा ऑनलाइन आवेदन

किराएदार या घरेलू सहायक के सत्यापन के लिए मकान मालिक अथवा नियोक्ता को ‘समाधान ऐप’ पर संबंधित सेवा का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद मांगी गई जानकारी और आवश्यक दस्तावेज दर्ज करने होंगे।

आवेदन जमा होने के बाद पुलिस विभाग की ओर से उपलब्ध जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। जरूरत के अनुसार संबंधित थाने के अधिकारी दस्तावेजों और विवरण की जांच कर सकते हैं।

7 स्टेप में समझें पूरी प्रक्रिया

स्टेप 1: ‘समाधान ऐप’ डाउनलोड या ओपन करें।

स्टेप 2: मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन या रजिस्ट्रेशन करें।

स्टेप 3: किराएदार या घरेलू कर्मचारी वेरिफिकेशन की सेवा चुनें।

स्टेप 4: संबंधित व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करें।

स्टेप 5: पहचान और पते से जुड़े आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

स्टेप 6: दर्ज की गई जानकारी को जांचने के बाद आवेदन ऑनलाइन सबमिट करें।

स्टेप 7: आवेदन की स्थिति ऐप के माध्यम से ट्रैक करें और पुलिस सत्यापन पूरा होने के बाद उपलब्ध जानकारी प्राप्त करें।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की पहल

किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अपराध की रोकथाम और नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कई बार बिना सत्यापन के लोग किराए पर घर दे देते हैं या घरेलू कर्मचारियों को काम पर रख लेते हैं।

ऑनलाइन व्यवस्था से लोगों को वेरिफिकेशन के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा और पुलिस के पास भी संबंधित व्यक्तियों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हो सकेगा।

मकान मालिकों को मिलेगा फायदा

इस सुविधा का सबसे बड़ा लाभ उन मकान मालिकों को मिलेगा, जो दूसरे शहरों या राज्यों से आने वाले लोगों को किराए पर मकान देते हैं। उन्हें आवेदन जमा करने के लिए थाने जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

इसी तरह घरेलू सहायकों को काम पर रखने वाले परिवार भी ऑनलाइन सत्यापन की सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया आसान होने के साथ लोगों में सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।