बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बाल देखभाल संस्थाओं से किशोरों के फरार होने के मामलों को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार को आवश्यक पक्षकार बनाते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रस्तावित 156 सुरक्षा गार्डों की तैनाती पर वित्तीय सहायता को लेकर जवाब मांगा है।
राज्य सरकार ने प्रदेश की 26 बाल देखभाल संस्थाओं में 156 सुरक्षा गार्ड तैनात करने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए सालाना करीब 4.68 करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता बताई गई है।
हाई कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से पूछा है कि केंद्र की योजनाओं या दिशा-निर्देशों के तहत सुरक्षा गार्डों की तैनाती के लिए राज्य को वित्तीय सहायता किस तरह उपलब्ध कराई जा सकती है। कोर्ट ने इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव को शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
दरअसल, महासमुंद के सरकारी ऑब्जर्वेशन होम से 8 किशोरों के फरार होने और बिलासपुर की संस्था से 4 किशोरों के भागने के मामलों के बाद राज्य सरकार ने बाल देखभाल संस्थाओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की पहल की है।






