GPM: अटल जी की एक और प्रतिमा में भ्रष्टाचार का मामला आया सामने, मूर्तियों की दरारें बता रही हैं कहानी

जीपीएम। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की स्मृति में प्रदेशभर में बने अटल परिसरों की मूर्तियों की गुणवत्ता अब सवालों के घेरे में है। कटघोरा के बाद अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही नगर पंचायत में स्थापित अटल जी की आदमकद प्रतिमा में भी दरारें और टूट-फूट सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने हड़कंप मचा दिया है।
कटघोरा के मामले में अभी तक एक उप अभियंता निलंबित हुआ है, लेकिन कांग्रेस और स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे प्रदेश की सभी मूर्तियों की जांच हो।
मरवाही में क्या नजर आया ?
मरवाही नगर पंचायत में 25 दिसंबर 2025 को अटल जयंती के अवसर पर अटल बिहारी वाजपेई जी की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई थी। लेकिन अब सामने आई तस्वीरें बेहद चौंकाने वाली हैं। प्रतिमा में साफ तौर पर दरारें और टूट-फूट दिखाई दे रही हैं।
स्थानीय लोगों ने उठाया सवाल
नगर वासियों का कहना है कि अगर इसे धातु से बना बताया गया है और यह विशुद्ध ब्रॉन्ज/कांस्य की है तो इतनी जल्दी दरारें कैसे? यह या तो मिक्स धातु से बनाई गई है या फिर इसकी गुणवत्ता में बड़ा खेल हुआ है। इसकी जांच विशेषज्ञों से ही हो सकती है।
कटघोरा के बाद दूसरा मामला
इससे पहले नगर पालिका कटघोरा के अटल परिसर की मूर्ति का मामला सामने आया था। वहां आरोप था कि कंक्रीट और पत्थर की मूर्ति बनाकर उस पर कांस्य के नाम पर तांबा रंग का आवरण चढ़ा दिया गया।
उस मामले में प्रदेशभर में खलबली मची और एक उप अभियंता को निलंबित किया गया। लेकिन विपक्ष का कहना है कि यह सिर्फ खानापूर्ति है। अब मरवाही में लगाई गई अटल जी की मूर्ति का हाल तो अजब–गजब हो गया है।
श्रद्धा और आस्था के साथ खिलवाड़
स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के अनुसार, मूर्ति निर्माता, ठेकेदार और कुछ अधिकारियों ने मिलीभगत कर कमीशन के लालच में अटल जी के नाम पर श्रद्धा के साथ खिलवाड़ किया है।
कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक-दो जगह का मामला नहीं, पूरे प्रदेश में जांच जरूरी है।
अभी तक इस मामले में आधिकारिक जांच या बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को कार्यालय खुलने के बाद जानकारी और जांच-पड़ताल शुरू होगी। बताया जा रहा है कि यहां भी एक टीम मूर्ति की जांच करने पहुंच रही है।
14 लाख रुपए है मूर्ति की अनुमानित लागत
दरअसल नगरीय निकाय के अनुभवी अफसरों की टीम ने आकार और धातु के हिसाब से अटल जी की मूर्ति की लागत लगभग 14 रुपए आंकी थी। और सभी को यह निर्देश था कि मूर्ति अच्छी गुणवत्ता की चुनिन्दा प्रतिष्ठित मूर्तिकारों से ही लेनी है, मगर ठेकेदारों ने अनाप– दर पर ठेका लेकर घटिया क्वालिटी की मूर्तियां लगा दी हैं। बहरहाल तय है कि मरवाही के मामले में भी ठेकेदार सहित जिम्मेदार अफसरों की गर्दनें नपेंगी। हालांकि अब यह जरूरी हो गया है कि प्रदेश भर में बनाए गए अटल परिसरों में स्थापित अटल जी की मूर्तियों की गुणवत्ता की जांच का आदेश सरकार को जारी कर ही देना चाहिए।





