रायपुर। छत्तीसगढ़ महिला आयोग अब एक बार फिर से दो महिला वकीलों के बीच सियासी और कानूनी दांवपेंच का अखाड़ा बनती दिख रही है। नवनियुक्त अध्यक्ष ममता साहू भी वकील हैं। उन्होंने मंगलवार को कार्यालय जाकर अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर उनके समर्थक और भाजपा नेता उपस्थित थे। उधर डॉ. किरणमयी नायक अभी भी कोर्ट का हवाला देकर इस पद पर अपना दावा मजबूत बता रही हैं।इतिहास
मेरी नियुक्ति प्रभावी : ममता
शपथ लेने के बाद श्रीमती साहू ने कहा कि, वे छत्तीसगढ़ की महिलाओं के कल्याण के लिए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए काम करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संगठन महामंत्री पवन साय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सहित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। नवनियुक्त अध्यक्ष ममता साहू ने कहा कि, राज्य सरकार ने विधिवत आदेश जारी कर उन्हें महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। जब तक न्यायालय सरकार के आदेश पर रोक लगाने वाला कोई स्पष्ट निर्देश नहीं देता, तब तक नियुक्ति पूरी तरह प्रभावी रहेगी।
नायक ने पद छोड़ने से किया इनकार
उल्लेखनीय है कि, महिला आयोग की अध्यक्ष रहीं किरणमयी नायक ने हाई कोर्ट में लंबित मामले का हवाला देते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया था इसके बाद असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई थी लेकिन आज ममता साहू ने पदभार ग्रहण कर लिया।
डॉ. किरणमयी नायक का दावा
महिला आयोग की अध्यक्ष रहीं डॉ. किरणमयी नायक का दावा है कि हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के कारण अंतिम न्यायिक निर्णय आने तक वे ही आयोग की वैधानिक अध्यक्ष हैं। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार द्वारा नवनियुक्त अध्यक्ष ममता साहू का कहना है कि सरकार का नियुक्ति आदेश प्रभावी है और वे तय तिथि एवं शुभ मुहूर्त के अनुसार पदभार ग्रहण कर लिया है।
ममता भी वकील
उधर, ममता साहू ने कहा कि, लंबित मामला और स्टे ऑर्डर दो अलग-अलग कानूनी स्थितियां हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, वे स्वयं अधिवक्ता हैं और कानून की प्रक्रिया को अच्छी तरह समझती हैं





