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मानसून सत्र में गरमाया सदन : वेदांता हादसा और खाद-बीज संकट पर विपक्ष का जोरदार विरोध, जमकर नारेबाजी

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छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में वेदांता संयंत्र हादसे और खाद-बीज संकट को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। सदन में हंगामे के बीच विपक्षी सदस्य वॉकआउट कर स्वमेव निलंबित हुए।

 

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में दो प्रमुख मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सक्ती जिले के वेदांता संयंत्र हादसे में कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा, वहीं खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार को घेरा। दोनों मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस, नारेबाजी और विरोध देखने को मिला।इतिहास

 

 

वेदांता हादसे पर सरकार से मांगा जवाब

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सक्ती जिले के वेदांता संयंत्र हादसे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हादसे में 25 लोगों की मौत हुई और 7 लोग अब भी घायल हैं। उन्होंने पूछा कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई और जांच किस चरण में है। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल किया कि कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद उनसे पूछताछ के लिए क्या कोई टीम इंग्लैंड भेजी गई है।

 

सरकार का जवाब- दोषियों पर होगी कार्रवाई

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि प्रदेश में हुई पांच औद्योगिक दुर्घटनाओं में सेफ्टी ऑडिट कराया गया है। उन्होंने कहा कि वेदांता लिमिटेड के मामले में अरुण मिश्रा, योगेंद्र पटेल, कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। विभाग ने श्रम न्यायालय में याचिका भी दायर की है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। मंत्री ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

 

भूपेश बघेल और अजय चंद्राकर के बीच भी हुई बहस

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल उठाया कि क्या भविष्य में भी औद्योगिक हादसों में सभी निदेशकों पर इसी तरह कार्रवाई होगी। इस पर मंत्री ने कहा कि कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष का नाम लेकर सदन में कार्रवाई की मांग करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कहीं किसी पर दबाव बनाकर फैक्ट्री बिकवाने की मंशा तो नहीं है। इस पर भूपेश बघेल ने सरकार पर अनिल अग्रवाल को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि यदि सरकार गंभीर है तो उनसे पूछताछ क्यों नहीं की जा रही।

 

हंगामे के बाद विपक्ष ने किया वॉकआउट

वेदांता हादसे के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी हुई। विवाद बढ़ने पर विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।

 

खाद-बीज के मुद्दे पर भी घिरी सरकार

इसी दौरान शून्यकाल में विपक्ष ने खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया। विपक्ष ने सरकार पर किसान विरोधी होने और किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। मंत्री रामविचार नेताम के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन में जमकर नारेबाजी की।

 

गर्भगृह में पहुंचते ही विपक्षी सदस्य निलंबित

विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के गर्भगृह तक पहुंच गए। विधानसभा की नियमावली के तहत गर्भगृह में प्रवेश करते ही संबंधित विपक्षी सदस्य स्वतः निलंबित हो गए