Home Astrology कोरबा में गूंजे सदाबहार तराने, ‘सुर-मधुर’ कराओके संगीत संध्या ने बांधा समां

कोरबा में गूंजे सदाबहार तराने, ‘सुर-मधुर’ कराओके संगीत संध्या ने बांधा समां

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मुकुटधर साहित्य समिति से सम्बद्ध मुकुटधर संगीत प्रकोष्ठ द्वारा रविवार को पं. मुकुटधर पांडेय साहित्य भवन, घण्टाघर में ‘सुर-मधुर (कराओके गीत-संगीत)’ कार्यक्रम का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। संगीत प्रेमियों से खचाखच भरे सभागार में देर शाम तक सदाबहार गीतों की मधुर स्वर-लहरियां गूंजती रहीं।

इस माह के कार्यक्रम की थीम भारतीय सिनेमा के महान संगीतकार लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल तथा सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक के. जे. येसुदास एवं हेमलता के अमर गीतों पर आधारित रही, जिसकी सभी कलाकारों ने भावपूर्ण एवं उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ गायक, समाजसेवी एवं प्रतिष्ठित दंत चिकित्सक डॉ. राजीव सिंह तथा विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ गायक कलाकार श्री बसंत वैष्णव रहे। अन्य अतिथियों में समिति के संरक्षक युनूस दानियालपुरी, कमलेश यादव, दिलीप अग्रवाल, अंजना सिंह ठाकुर एवं दीपक सिंह ठाकुर उपस्थित रहे।

माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं बैच लगाकर किया गया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि डॉ. राजीव सिंह ने संगीत को जीवन का अमृत बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज की सांस्कृतिक चेतना को जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने स्वयं भी एक मधुर गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब सराहना प्राप्त की। विशिष्ट अतिथि श्री बसंत वैष्णव ने कराओके गायन को कलाकारों के आत्मविश्वास और साधना का माध्यम बताते हुए अपनी सुरीली प्रस्तुति से महफ़िल को और भी सुरमयी बना दिया।

समिति के लगभग 25 गायक-गायिकाओं ने मंच पर अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। इनमें अर्चना साहू, जीतेन्द्र वर्मा ‘खैरझिटिया’, धरम साहू, शिव साहू, प्रतिभा सहारे, भरत साहू, मोहम्मद मुकिद, भानू प्रसाद साहू, पी.के. दत्ता, अनिरुद्ध दत्ता, घासीराम साहू, केसरी देवांगन, गौरी महंत, सूरजदास महंत, शिप्रा तिवारी, शैलेश गुप्ता, पी.के. कौशिक, संतोष पासवान, कर्मेन्द्र सिंह एवं अपूर्वा सिंह सहित सभी कलाकारों ने अपनी गायकी से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का सफल संयोजन समिति की संयोजिका श्रीमती अर्चना साहू ने किया। कार्यक्रम दो सत्रों में सम्पन्न हुआ। प्रथम सत्र का संचालन जीतेन्द्र वर्मा ‘खैरझिटिया’ तथा द्वितीय सत्र का संचालन धरम साहू ने किया। तकनीकी सहयोग अपूर्वा सिंह एवं साउंड संयोजन कर्मेन्द्र सिंह द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के दौरान समिति के सम्मानित सदस्य एवं तकनीकी सहयोगी कर्मेन्द्र सिंह के सुपुत्र नवनीत सिंह के आकस्मिक निधन पर सभी उपस्थितजनों ने दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

अंत में भरत साहू ने सभी अतिथियों, कलाकारों, संगीत प्रेमियों एवं श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

सुरों से सजी यह संगीतमय संध्या न केवल संगीत प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय रही, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना एवं सामूहिक सहभागिता का भी प्रेरक संदेश दे गई। मुकुटधर संगीत प्रकोष्ठ ने एक बार फिर सिद्ध किया कि संगीत और साहित्य समाज को जोड़ने का सबसे सशक्त एवं सुंदर माध्यम हैं।