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रिश्तों का सौदा : पोती से दुष्कर्म को दबाने दादा ने ली 1.30 लाख की रिश्वत, तीन गिरफ्तार

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धरसींवा ग्रामीण इलाके में दादा ने दुष्कर्म मामले को दबाने के लिए पहले आरोपियों से वसूली की, फिर 4 लाख के सरकारी मुआवजे के लालच में दादा ने अपनी पोल खुद खोली दी।

 

 

 

। राजधानी के ग्रामीण इलाके में रिश्तों को शर्मसार करने और कानून की आंख में धूल झोंकने का एक बेहद सनसनीखेज सामने मामला आया है। जिस नाबालिग नातिन के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में इंसाफ दिलाने के लिए दादा पुलिस और प्रशासन के खिलाफ झंडा बुलंद कर रहा था, उसी दादा ने पर्दे के पीछे मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपियों के साथ एक लाख तीस हजार रुपए का सौदा कर लिया।

 

 

परिजनों ने अपहरण का मामला दर्ज कराया

पुलिस ने दुष्कर्म के मामले को धन लेकर दबाने और ब्लैकमेलिंग के आरोप में पीड़िता के सगे दादा, सीताराम मेडिकल स्टोर के संचालक चंद्रशेखर यदु और टुकेन्द्र वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सिलयारी चौकी क्षेत्र से हुई थी, जहां 13-14 साल की एक नाबालिग लड़की 17 मई को अचानक लापता हो गई थी। अगले ही दिन परिजनों ने सिलयारी चौकी में अपहरण का मामला दर्ज कराया। हरकत में आई पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 18 मई को ही बालिका को उसके एक करीबी रिश्तेदार के घर से सुरक्षित बरामद कर लिया था।

 

आरोपियों से रिश्वत

बरामदगी के बाद जब सिलयारी पुलिस, बाल कल्याण समिति और न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 193 के तहत पीड़िता के बयान दर्ज कराए गए, तब पीड़िता और उसके परिजनों ने किसी भी तरह का अपराध या दुष्कर्म होने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद मामला शांत हो गया। आरोपियों से रिश्वत, फिर 4 लाख के सरकारी मुआवजे के लिए रची दूसरी साजिश आरोपियों के जेल जाने के बाद इस पूरे ब्लैकमेलिंग के सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ।

 

धमकाकर रुपयों की वसूली

जेल भेजे गए एक आरोपी की पत्नी न्याय की गुहार लेकर और ठोस सबूतों के साथ पुलिस के आला अधिकारियों के पास पहुंची। उसने पुलिस को वह वीडियो और ऑडियो क्लिपिंग सौंपी, जिसमें साफ दिख रहा था कि कैसे करीब एक हफ्ते तक आरोपी के परिजनों को डरा-धमकाकर रुपयों की वसूली की जा रही थी। उन्हें तुरंत पहुंचने और न आने पर सीधे सिलयारी चौकी में बंद कराने की धमकियां दी जा रही थीं।

 

दादा को लगी सरकारी मुआवजे की भनक

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि पीड़िता के दादा ने पहले तो पैसे लेकर दुष्कर्म की बात छुपाई, लेकिन बाद में जब उन्हें कहीं से यह भनक लगी कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में शासन की तरफ से चार लाख रुपये की भारी-भरकम सहायता राशि मिलती है, तो उनका लालच और बढ़ गया। शासन से मिलने वाली इस सरकारी मदद को हड़पने की नीयत से उन्होंने दोबारा जांच कराने के लिए पुलिस में आवेदन प्रस्तुत कर दिया।

 

दादा से 01 लाख नगद बरामद, बिचौलिये दबोचे गए

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर रायपुर ग्रामीण पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक जून को आरोपी दादा के पास से जबरन वसूली गई रकम में से एक लाख रुपये नगद बरामद कर लिए। साथ ही इस पूरे षड्‌यंत्र में बिचौलिये की भूमिका निभाने वाले चंद्रशेखर यदु और टुकेन्द्र वर्मा को भी दबोच लिया गया। फिलहाल, पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि यह जांच अभी यहीं खत्म नहीं हुई है। कुछ और रसूखदारों के नाम सामने आ सकते हैं।

 

ऑडियो-वीडियो ने खोला राज

जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि पीड़िता के दादा ने मुख्य आरोपी ईश्वर घृतलहरे के परिजनों से घटना को छिपाने और बयान बदलने के एवज में एक लाख तीस हजार रुपये नगद वसूले थे। लेनदेन सीताराम मेडिकल स्टोर में हुआ। इस पूरी अवैध डील और नोटों की गिनती का बकायदा एक वीडियो भी बनाया गया था, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सिर्फ इतना ही नहीं, पीड़िता के दादा ने लालच में आकर दूसरे आरोपी को भी फोन पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी और मोटी रकम की मांग की थी। इस धमकी से जुड़ी कई ऑडियो क्लिपिंग भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही हैं।

 

सिलयारी चौकी प्रभारी सस्पेंड

कहानी में नया मोड़ तब आया जब मई के अंतिम सप्ताह में ग्रामीण कांग्रेस और कुछ अन्य संगठनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायतें दर्ज कराई। इसके बाद कार्रवाई न होने पर पुलिस चौकी, धरसींवा थाने और सीधे रायपुर एसपी दफ्तर के सामने उम्र धरना-प्रदर्शन किया गया। राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ता देख पुलिस प्रशासन ने मामले की नए सिरे से गहन विवेचना शुरू की।

 

जांच में शुरुआती लापरवाही बरतने के कारण सिलयारी चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने पीड़िता के नए बयानों और साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी टाकेश्वर मानिकपुरी और ईश्वर धृतलहरे को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया।

 

दादा और बिचौलिए गिरफ्तार

धरसींवा थाना प्रभारी राजेन्द्र दीवान ने मामले की शुरुआती विवेचना में लापरवाही बरतने के आरोप में सिलयारी चौकी प्रभारी (उपनिरीक्षक) जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। दुष्कर्म के मुख्य आरोपियों को जेल भेजने के बाद, अब केस को रफा-दफा करने के लिए ब्लैकमेलिंग करने वाले पीड़िता के दादा और दोनों बिचौलियों को गिरफ्तार कर लिया गया है