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अंबिकापुर ब्रेकिंग : केते एक्सटेंशन कोल परियोजना पर टीएस सिंहदेव ने उठाए सवाल, हसदेव अरण्य को बताया खतरे में

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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम T. S. Singh Deo ने केते एक्सटेंशन कोल परियोजना को मिली मंजूरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना से हसदेव अरण्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय नुकसान होगा और लाखों पेड़ों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है।

टीएस सिंहदेव ने कहा कि प्रस्तावित परियोजना के कारण करीब 7 लाख पेड़ों की कटाई होगी तथा लगभग 1742 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित होगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह फैसला केवल पर्यावरण ही नहीं बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए भी बड़ा खतरा साबित हो सकता है। सिंहदेव ने विशेष रूप से रामगढ़ पहाड़ और वहां स्थित प्राचीन मंदिरों के अस्तित्व पर चिंता जताई।

पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि यह निर्णय विधानसभा में पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव और सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दिए गए शपथ पत्र की भावना के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार एक निजी कंपनी के हित में कार्य कर रही हैं, जबकि स्थानीय आदिवासियों, पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहरों की अनदेखी की जा रही है।

सिंहदेव ने इस पूरे मामले के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय और राज्य के वन मंत्रियों सहित संबंधित अधिकारियों और नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हसदेव अरण्य केवल वन क्षेत्र नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान और आदिवासी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे बचाने की आवश्यकता है।

उन्होंने मांग की कि परियोजना की मंजूरी पर पुनर्विचार किया जाए और स्थानीय लोगों, पर्यावरणविदों तथा जनप्रतिनिधियों की राय को प्राथमिकता दी जाए। इस बयान के बाद एक बार फिर हसदेव अरण्य और कोल परियोजनाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।