सीएसईबी कोरबा प्लांट की स्क्रैप नीलामी विवाद अब नए मोड़ पर है। स्थानीय व्यापारियों ने अब आरोप लगाया है कि प्रबंधन कागजों पर सिर्फ 1 ट्रांसफॉर्मर स्क्रैप में दिखा रहा है, जबकि मौके से 2 ट्रांसफॉर्मर काटकर बाहर ले जाया गया। व्यापारियों का सवाल है कि आखिर रायपुर से आए अधिकारी चौहान किसके इशारों पर यह काम करवाकर चले गए।
*व्यापारियों का नया आरोप*
पहले आरोप था कि नीलामी में सिर्फ लोहा उठाने का ठेका मिलने के बावजूद करीब 3 करोड़ मूल्य का दो ट्रांसफॉर्मर काटकर बाहर निकाल दिया गया। अब व्यापारियों का कहना है कि कागजी कार्रवाई में 1 ट्रांसफॉर्मर दर्ज किया गया है, जबकि मौके पर 2 ट्रांसफॉर्मर की कटिंग हुई। उनका सवाल है कि दूसरा ट्रांसफॉर्मर किसकी सहमति से और किसके आदेश पर बेचा गया।
*चौहान की भूमिका पर फिर उठे सवाल*
व्यापारियों ने पहले भी आरोप लगाया था कि रायपुर हेड ऑफिस से चौहान नामक अधिकारी कोरबा आकर नीलामी प्रक्रिया में शामिल रहे। अब उनका कहना है कि दो ट्रांसफॉर्मर की कटिंग के पीछे भी चौहान की भूमिका संदिग्ध है। हालांकि यह आरोप है और इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
*प्रबंधन का पक्ष और जांच की मांग*
सीएसईबी प्रबंधन की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नीलामी में कितने ट्रांसफॉर्मर शामिल थे और कितने की सुपुर्दगी हुई। व्यापार मंडल ने मांग की है कि माल उठान के गेट पास, डिलीवरी चालान और CCTV/वीडियोग्राफी सार्वजनिक की जाए। उद्योग मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि अनियमितता मिली तो जांच कराकर कार्रवाई होगी।




