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छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र : पक्ष-विपक्ष में तीखी बहस के बाद महिला आरक्षण के संकल्प पर चर्चा शुरू

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महिला आरक्षण के विषय में चर्चा करने के लिए गुरुवार 30 अप्रैल को छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। सदन में चर्चा शुरू हो गई है।

विपक्ष का संकल्प हुआ अग्राह्य

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शासकीय संकल्प पेश किया। महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने का संकल्प पेश किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा-  हमने महिला सशक्तिकरण के संबंध में संकल्प पेश किया है। उन्होंने वर्तमान स्थिति में महिलाओं को 33% आरक्षण का अशासकीय संकल्प पेश किया है। इस पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने अशासकीय संकल्प को अग्राह्य कर दिया। 

पक्ष-विपक्ष में हुई तीखी बहस
इसके साथ ही विशेष सत्र की शुरुआत तीखी बहस के साथ हुई। शासकीय संकल्प के विषय को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। विपक्ष ने कहा- सदन के बाहर निंदा प्रस्ताव की बात कही गई, अब शासकीय संकल्प लाकर चर्चा कर रहे हैं। इसके बाद सत्तापक्ष की ओर से लता उसेंडी ने चर्चा की शुरुआत की।दिवंगत सदस्यों को दी गई श्रद्धांजलि
इससे पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्रवाई राष्ट्रगीत और राजगीत के साथ विशेष हुई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पूर्व सदस्यों के निधन सूचना दी। पूर्व सांसद मोहसीना किदवई, पूर्व विधायक जगेश्वर भगत के निधन की सूचना उन्होंने दी। सदन ने दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि। इसके साथ ही सदन की कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। दिवंगतों के सम्मान में सदन की कार्रवाई स्थगित की गई थी।  विधानसभा की कार्रवाई पांच मिनट के बाद फिर से शुरू हो गई।

दूरदर्शन पर दिनभर चलेगा प्रसारण
स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने बताया कि, आज दिनभर प्रदेश की जनता विधायकों को देखेगी। दूरदर्शन पर आज दिनभर की कार्रवाई का प्रसारण होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शासकीय संकल्प पेश किया महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने का संकल्प पेश किया।

सदन की कार्यवाही देखने पहुंचीं महिलाएं
वहीं प्रदेशभर से महिला जनप्रतिनिधि सदन की कार्रवाई देखने पहुंचीं हैं। महिला जनप्रतिनिधियों ने कहा- विपक्ष ने बिल पास नहीं होने दिया, प्रदेशभर में विपक्ष के खिलाफ आक्रोश है। हम चाहते हैं कि, महिला आरक्षण बिल पास होना चाहिए