एचटीपीपी से उत्सर्जित राख के लिए ग्राम झाबू- लोतलोता के पास राखड़ बांध बनाया गया है। जहां संयंत्र से पानी मिश्रित राख भेजी जाती है। बांध काफी पुराना होने की वजह से भर चुका है, इससे निपटने के लिए प्रबंधन द्वारा कई बार बांध की ऊंचाई भी बढ़ाई जा चुकी है। बताया जा रहा है कि राखड़ बांध भर जाने की वजह से दबाव पड़ने पर उसका तटबंध टूट गया। इसके साथ ही पानी मिश्रित राख का सैलाब बाहर निकल पड़ा। धीरे- धीरे तटबंध का चौड़ा हिस्सा बह गया और काफी मात्रा में राख निकल कर आसपास क्षेत्र में फैल गई। 
फैली इस राख से ग्रामीणों को काफी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी शुरू हो चुकी है, ऐसी स्थिति में तेज धूप की वजह से पानी सूख जाएगा और सूखी राख हवा में उड़ कर ग्रामीणों के घर एवं खाने में जाएगी। राख की वजह से झाबू, नवागांव, पुरैनाखार, धनरास, लोतलोता, चारपारा, मड़वामहुआ, ढांडपारा समेत अन्य गांव के निवासियों को एक बार फिर मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। एचटीपीपी के राखड़ बांध में यह कोई पहली घटना नही है ।दो माह पहले भी राखड़ बांध फूटा था और लापरवाही के वजह से विद्युत संयंत्र का भी तटबंध टूट गया था। उस समय भी लोगों को काफी आर्थिक शारीरिक और मानसिक कष्ट हुआ था




