Home Astrology स्टंटबाजी और रीलबाजी पर हाईकोर्ट सख्त, सड़क को स्टेज समझ बैठे रईसजादों...

स्टंटबाजी और रीलबाजी पर हाईकोर्ट सख्त, सड़क को स्टेज समझ बैठे रईसजादों पर HC की सख्त टिप्पणी – “क्या कार्रवाई की गई?देखिए वीडियो

0
142

Screenshot 20250808 111151 Gallery

बिलासपुर की सड़कों पर रील, स्टंट और नाच-गाने का तमाशा अब हाईकोर्ट की निगाह में आ गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने बिलासपुर से सामने आए तीन हाईप्रोफाइल मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। हाइकोर्ट चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने इन मामलों को स्वतः संज्ञान में लिया है और शासन से दो टूक सवाल पूछा है – की अब तक क्या कार्रवाई की गई? और भविष्य में इस पर रोक लगाने के लिए क्या योजना है? बतादें कि हाईकोर्ट ने जिन तीन मामलों को स्वतः संज्ञान में लिया है, उनमें एक से बढ़कर एक दिखावा और कानून तोड़ने की मिसाल देखने को मिली। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। आपको बतादें कि पहला मामला उस वक्त सामने आया, जब एक रईसजादा अपनी नई लक्जरी गाड़ी शो-रूम से लेकर निकला और शहर में ‘डर का माहौल’ खड़ा करता हुआ पूरे काफिले के साथ सड़क पर उतरा। एक जैसे काले रंग की 6 लक्जरी गाड़ियां, ड्रोन कैमरा, हाईटेक शूटिंग और तेज़ बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ रील बनाई गई। नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति भी बन गई। मीडिया में खबरें आने और हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद पुलिस हरकत में आई और गाड़ियों की जप्ती के साथ चालानी कार्रवाई की गई। दूसरा मामला बिलासपुर के रिवर व्यू क्षेत्र का है, जहां कुछ युवकों ने चलती कार के सनरूफ में खड़े होकर रील बनाई। दृश्य बेहद खतरनाक थे। सोशल मीडिया पर वायरल रील के बाद जब मामला तूल पकड़ा, तब पुलिस ने चार रीलबाजों को गिरफ्तार किया। वहीं तीसरी घटना हाल ही में फिल्म अभिनेता संजय दत्त के जन्मदिन के दिन की है। उनका जबरा फैन चित्तू अवस्थी अपने साथियों के साथ सड़क पर केक काटता है, “जी हां, मैं हूं खलनायक” गाने पर नाचते हुए रील बनाता है और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करता है। यह सब कुछ मुख्य सड़क के बीचोबीच हुआ। पुलिस ने इस मामले में भी चित्तू अवस्थी को गिरफ्तार किया। इन सभी मामलों को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि –इन तीनों घटनाओं पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है? आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या प्लानिंग बनाई गई है?

बहरहाल अब अगले सुनवाई ने देखना यह होगा कि राज्य सरकार ऐसे स्टंटबाजो और रीलबाजों को सबक सिखाने क्या योजना बनाती है और सरकार के जवाब पर हाईकोर्ट अपना क्या रुख अपनाती है।

 

error: Content is protected !!