Acn18.com. जांजगीर चाम्पा भरत सिंह चौहान जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कोसा में करीब ढाई साल पहले हुए सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। 55 वर्षीय गणेशराम बर्मन की तलवार से निर्मम हत्या करने वाले आरोपी अशोक धीवर को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी करार दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने आरोपी को दो बार आजीवन कारावास और दोनों मामलों में 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोनों मामलों में 6-6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मामला 17 जनवरी 2024 का है। दोपहर करीब 2 बजे गणेशराम बर्मन गांव के राजू बर्मन के घर खाना खाने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पड़ोस में रहने वाला अशोक धीवर हाथ में तलवार लेकर खड़ा था।
आरोप है कि अशोक ने गणेशराम को दौड़ाकर उनके सिर पर तलवार से हमला कर दिया। इसके बाद आरोपी ने कई बार तलवार से वार किए, जिससे गणेशराम की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तलवार लेकर अपने घर चला गया.
घटना की सूचना के बाद मुलमुला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम में मृतक के सिर की खोपड़ी पूरी तरह टूटने, बाएं कान के कटने और आंख बाहर निकलने जैसी गंभीर चोटें सामने आईं।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल तलवार और खून से सने कपड़े बरामद किए। विवेचना पूरी होने के बाद अभियोजन पत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध प्रमाणित हुआ।
लोक अभियोजक संदीप सिंह बंफर ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी ने लोहे की तलवार से हमला कर एक व्यक्ति की निर्मम हत्या की है, इसलिए उसे कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।
अदालत ने अभियोजन के तर्क और साक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए 39 वर्षीय अशोक धीवर को दोषी ठहराया और दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों मामलों में 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड नहीं भरने पर 6-6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
यानी करीब ढाई साल पुराने इस सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत के फैसले ने आरोपी को उम्रभर सलाखों के पीछे पहुंचाने का रास्ता साफ कर दिया है।









