Home KORBA कॉलेज छात्रा ने जहर खाकर दी जान: गांव का 17 वर्षीय नाबालिग...

कॉलेज छात्रा ने जहर खाकर दी जान: गांव का 17 वर्षीय नाबालिग छेड़छाड़ कर करता था परेशान, परिजनों ने लगाया आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

0
61

Acn18. Com कोरबा.कोरबा के पाली थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां महज 21 साल की एक कॉलेज छात्रा ने कथित तौर पर छेड़छाड़ और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर जहरीली दवा खा ली। तीन दिन तक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद रविवार शाम उसकी मौत हो गई।

परिजनों ने गांव के ही 17 वर्षीय नाबालिग पर छात्रा को लंबे समय से परेशान करने, रास्ता रोककर छेड़छाड़ करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर आरोप लगाया है।

बताया जा रहा है कि युवती के पिता नहीं थे और वह अपनी मां के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी। 12वीं पास करने के बाद उसने कॉलेज में दाखिला लिया था। परिजनों के मुताबिक, युवती पढ़ाई में काफी अच्छी थी और अपने भविष्य को लेकर सपने देख रही थी।

लेकिन आरोप है कि गांव का ही 17 वर्षीय नाबालिग कॉलेज आते-जाते समय उसका रास्ता रोकता और उसे परेशान करता था। परिजनों का दावा है कि नाबालिग छात्रा पर मिलने का दबाव बनाता था और उसकी मां व भाइयों के नाम सुसाइड नोट लिखकर खुदकुशी करने की धमकी भी देता था।

परिजनों का कहना है कि उन्होंने नाबालिग को कई बार समझाया, लेकिन उसकी हरकतें नहीं रुकीं। लगातार परेशान किए जाने से युवती तनाव में रहने लगी थी और कथित तौर पर आत्महत्या करने की बात भी कहती थी।

इसी मानसिक परेशानी के बीच 3 सितंबर को युवती ने चूहा मारने वाली दवा खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। शुरुआती उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां तीन दिन तक इलाज चला। लेकिन रविवार शाम उसकी मौत हो गई।

परिवार के मुताबिक, रक्षाबंधन पर दोनों भाई अपनी बहन से राखी बंधवाने घर आए थे। छोटा भाई राखी के बाद काम के सिलसिले में दिल्ली चला गया, जबकि बड़ा भाई कोरबा में ही था। बहन की हालत बिगड़ने और बाद में मौत की खबर दोनों भाइयों को फोन पर दी गई।

परिजनों का यह भी आरोप है कि नाबालिग की हरकतों को लेकर पहले मौखिक रूप से थाने में शिकायत की गई थी।

 

फिलहाल मेडिकल कॉलेज से मिले मेमो के आधार पर जिला अस्पताल चौकी में परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं तो नाबालिग के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

एक होनहार बेटी की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या समय रहते उसकी परेशानी को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद आज वह जिंदा होती? अब पुलिस जांच से ही सामने आएगा कि छात्रा को आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए किन परिस्थितियों ने मजबूर किया।

error: Content is protected !!