भरत सिंह चौहान की रिपोर्ट
विशालकाय कछुए की मौत से गांव में शोक

जांजगीर चांपा जिले के नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम अमोरा में एक विशालकाय कछुए की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि इस कछुए का वजन करीब एक कुंटल यानी 100 किलो से भी ज्यादा था।
ग्रामीणों के अनुसार यह कछुआ कई वर्षों से गांव के सागर तालाब में रह रहा था और गांव के लोग इसे आस्था के रूप में पूजते भी थे। बुजुर्गों का कहना है कि देवरहा तालाब में पहले तीन विशालकाय कछुए रहते थे, जिन्हें गांव के लोग पवित्र मानते थे।
ग्रामीणों के मुताबिक दो कछुओं की मौत कुछ दिन पहले ही हो चुकी थी, जबकि आज तीसरे और सबसे बड़े कछुए की भी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और ग्रामीणों में शोक का माहौल है।
ग्रामीणों ने कछुए को सम्मानपूर्वक गांव के देवरहा तालाब के पार दफनाया है। गांव के लोगों का कहना है कि यह कछुआ उनके लिए आस्था और पहचान का प्रतीक था, इसलिए उसकी मौत से पूरे गांव में दुख का माहौल है।




