प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में मीटिंग शुरू हो गई है। इस मीटिंग में बड़ी डिफेंस डील संभव है। भारत रडार की पकड़ में न आने वाला सुखोई-57 फाइटर जेट खरीद सकता है।
रूस ने इसे बनाने और जरूरी तकनीक साझा करने की पेशकश की है। सुखोई-57 एक एडवांस स्टेल्थ फाइटर जेट है। यह दूसरे देश में घुसकर एयरस्ट्राइक करने में गेमचेंजर साबित हो सकता है।
इससे पहले पीएम मोदी ने पुतिन का गले लगाकर स्वागत किया। पीएम ने पुतिन को तमिल कवि की किताब भी गिफ्ट की। पुतिन ब्रिक्स समिट में शामिल होने गुरुवार देर रात दिल्ली पहुंचे थे।
तिरुक्कुरल क्या है, जिसे मोदी ने पुतिन को भेंट किया?
तिरुक्कुरल तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना है। इसमें करीब 1,330 दोहे हैं। इन दोहों में अच्छे जीवन, नैतिकता, शासन, अर्थव्यवस्था, प्रेम और इंसानी मूल्यों के बारे में बताया गया है।
तिरुक्कुरल को तमिल साहित्य की सबसे महत्वपूर्ण रचनाओं में से एक माना जाता है। इसका कई भाषाओं में अनुवाद भी हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी का इसे विदेशी नेताओं को भेंट करना भारत की प्राचीन तमिल संस्कृति और उसकी ज्ञान परंपरा को दुनिया तक पहुंचाने का संदेश माना जा सकता है।

Su-57 फाइटर जेट, S-400 और एडवांस ब्रह्मोस-NG डील संभव
मोदी-पुतिन की बातचीत में S-400 की बाकी खेप और एडवांस ब्रह्मोस-NG जैसे रक्षा सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा संभव है। इसके अलावा, 2030 तक दोनों देशों का कारोबार 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर बात हो सकती है।
रूस के साथ उद्योग, रेलवे, स्टील और टनलिंग में सहयोग बढ़ाने, भारतीय कंपनियों को रूसी बाजार में ज्यादा मौके देने और परमाणु ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, कुशल कामगारों व उर्वरक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा संभव है।









