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3 दिन से कोमा में मासूम, पिता को नहीं मिली प्रशासन से मदद,अमेरिका से पहुंचे संदेश पर डॉ. पाण्डेय ने CM साय से किया मदद का अनुरोध, ओव्हरब्रिज निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया

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भरत सिंह चौहान की रिपोर्ट

 

 

 

 

 

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– जांजगीर-चांपा – नैला–बलौदा मार्ग स्थित अंडरब्रिज की बदहाल स्थिति ने एक मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। पानी से भरे गहरे गड्ढों के कारण हुई सड़क दुर्घटना में एक नन्ही बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जो पिछले तीन दिनों से कोमा में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।

हैरानी की बात यह है कि पीड़ित पिता को अब तक शासन-प्रशासन से अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी है, जिससे परिजनों में भारी आक्रोश है।

अंडरब्रिज में हमेशा पानी भरा रहने से गड्ढे दिखाई नहीं देते। यही वजह है कि आए दिन बाइक सवार हादसे का शिकार हो रहे हैं। हाल ही में एक परिवार के साथ हुए हादसे में मां की गोद से बच्ची गिर गई और उसके सिर पर गंभीर चोट आई। फिलहाल बच्ची का इलाज बिलासपुर में जारी है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ध्यान खींचा है। पीड़ित परिवार से जुड़ा एक भावुक संदेश अमेरिका से समाजसेवी डॉ. राघवेन्द्र पाण्डेय तक पहुंचा। इसके बाद डॉ. पाण्डेय ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से फेसबुक पोस्ट के माध्यम से तत्काल संज्ञान लेकर मदद करने की अपील की है।

अपने संदेश में उन्होंने स्वर्गीय कुमार युधवीर सिंह जूदेव को याद करते हुए कहा कि यदि वे आज होते, तो यह बात तुरंत मुख्यमंत्री तक पहुंच जाती। उन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता पर भरोसा जताते हुए उम्मीद जताई कि बच्ची जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेगी।

डॉ. पाण्डेय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नैला ओवरब्रिज निर्माण की वर्षों पुरानी मांग को भी प्रमुखता से उठाया है। बताया जा रहा है कि करीब 20 वर्षों से इस स्थान पर ओवरब्रिज का प्रस्ताव केवल कागजों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत में अंडरब्रिज लगातार हादसों का कारण बन रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ओवरब्रिज बन जाता, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था। अब इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह न केवल इस मामले में त्वरित राहत दे, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में भी ठोस कदम उठाए।

फिलहाल, एक मासूम अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है और पूरा जिला उसकी सलामती की दुआ कर रहा है—साथ ही यह उम्मीद भी कि इस बार व्यवस्था सच में जागेगी।