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चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर: कोरबा में बदला मौसम का मिजाज, रिमझिम बारिश से बढ़ी ठंडक; किसानों की बढ़ी चिंता

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​कोरबा (acn18.com)। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर अब छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी जिले कोरबा में भी साफ नजर आने लगा है। बुधवार सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए रहे और दोपहर बाद शहर सहित ग्रामीण इलाकों में हल्की-फुल्की रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इस बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं के चलते जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं खेतों में तैयार खड़ी धान की फसलों को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

​तापमान में गिरावट, ठिठुरन का अहसास
जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ कटघोरा, पाली, करतला, पोड़ी-उपरोड़ा और पसान इलाकों में दिनभर बादलों का डेरा रहा। रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी से दिन के पारे में भारी गिरावट आई है, जिससे लोगों को अचानक हल्की ठंडक और ठिठुरन का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के असर से अगले 24 से 48 घंटों तक क्षेत्र में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
​किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
इस समय जिले में धान की फसल लगभग पककर तैयार है और कई जगहों पर कटाई का कार्य शुरू हो चुका है। ऐसे में अचानक शुरू हुई बारिश ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है:
​कटी हुई धान की फसल को खेतों में खुला न छोड़ें, उसे तुरंत खलिहान या ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।
​कटी फसल को पानी से बचाने के लिए तिरपाल या प्लास्टिक शीट से अच्छी तरह ढककर रखें।
​खेतों में जलभराव की स्थिति न बनने दें और पानी की निकासी का उचित प्रबंध करें।

​प्रशासन की अपील: रहें सतर्क
मौसम में आए इस अचानक बदलाव को देखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। साथ ही वाहन चालकों से अपील की गई है कि सड़कों पर फिसलन को देखते हुए रफ्तार नियंत्रित रखें।

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