
गणगौर जंगल में रहकर बुलेट के सहारे परिवर्तन की आस लिए जिन लोगों ने न जाने कितने लोगों की हत्या कर दी और फिर आत्मसमर्पण कर दिया वहीं पूर्व नक्सली शुक्रवार को विधानसभा की कार्रवाई देखने राजधानी पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक घटना बताया विधानसभा परिसर की ओर बढ़ रहे यह युवक कुछ दिन पहले तक जंगल में रहकर आतंक का पर्याय बने हुए थे सरकार की नक्सली आत्मसमर्पण की नीति से प्रभावित होकर इन लोगों ने मुख्य धारा में वापस लौटने में ही अपनी भलाई समझी और यही पूर्व नक्सली शुक्रवार को छत्तीसगढ़ की विधानसभा में चल रही कार्रवाई को देखने पहुंचे आत्म समर्पित नक्सलियों के विधानसभा भवन में प्रवेश को मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक घटना बताया । उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हमारी पुनर्वास नीति का यह परिणामहै
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अभी भी जो बचे खुचे माओवादी जंगल में है वह एक माह के अंदर ही आत्मसमर्पण कर देंगे




