बिलासपुर हाईकोर्ट ने पटवारियों के प्रमोशन मामले में अहम आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार और विभागीय अधिकारियों को पात्र कर्मचारियों के मामलों पर नियमानुसार विचार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद वरिष्ठ के आधार पर प्रमोशन से वंचित पटवारियों के दावों की अनदेखी नहीं की जा सकती। दरअसल याचिकाकर्ताओं ने अपने अधिवक्ता अनुकूल विश्वास के माध्यम से कोर्ट को बताया कि वे 25-30 साल से अधिक समय से पटवारी के रूप में कार्यरत हैं और वरिष्ठ के आधर पर राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण सूची मे चयनित हो चुके हैं, इसके बावजूद उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई, जबकि जूनियर कर्मचारियों को आगे बढ़ा दिया गया। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में 50% पद प्रमोशन से भरने के नियम एवं पदोन्नति नियम 6(2) का पालन नहीं करने का आरोप लगाया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता प्रमोशन के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता पूरी करते हैं और रिकॉर्ड में उन्हें प्रमोशन न देने का कोई ठोस कारण भी नहीं है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता 15 दिनों के भीतर संबंधित विभाग को अभ्यावेदन दें। इसके बाद विभाग 60 दिनों के भीतर उनके प्रमोशन पर विचार कर कारण सहित आदेश जारी करे।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने मामले के मेरिट पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है और सक्षम प्राधिकारी स्वतंत्र रूप से नियमों के अनुसार निर्णय लेगा।
पंकज गुप्ते inh news बिलासपुर छत्तीसगढ़।




