Home Uncategorized नक्सलवाद का अंत ! केंद्रीय कमेटी ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और एमपी के...

नक्सलवाद का अंत ! केंद्रीय कमेटी ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और एमपी के सीएम को लिखा पत्र, हथियार छोड़ने के लिए मांगा समय

0
44

रायपुर। CG NEWS : नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी अब सरकार के सामने सरेंडर करने और हथियार डालने राजी हो गई है। (MMC जोन) के प्रवक्ता अनंत ने प्रेस रिलीज जारी कर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सरकार से हथियार छोड़कर पुनर्वास योजना स्वीकार करने की इच्छा जताई है।

इसके लिए 15 फरवरी 2026 तक समय देने की मांग की गई है। इसके अलावा PLGA सप्ताह भी रद्द करने की बात कही गई है। केंद्रीय कमेटी का कहना है कि प्रेस रिलीज पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जाएगा। इसके बाद अगली प्रेस रिलीज जारी कर हथियार छोड़ने की अंतिम तारीख घोषित की जाएगी।

WhatsApp Image 2025 11 24 at 12.07.11 PM 1

सशस्त्र संघर्ष को अस्थाई विराम देने का फैसला

प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय कमेटी के सदस्य और पोलित ब्यूरो मेंबर कॉमरेड सोनू दादा ने बदलती परिस्थितियों का आकलन करते हुए सशस्त्र संघर्ष को अस्थाई विराम देने का फैसला लिया है, जिसका समर्थन CCM सतीश दादा और CCM चंद्रन्ना भी कर चुके हैं। MMC जोन ने भी सामूहिक निर्णय प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।

नहीं मनाएंगे PLGA सप्ताह

अनंत ने कहा कि संगठन जनवादी केंद्रीयता की पद्धति पर चलता है, इसलिए सभी साथियों तक संदेश पहुंचाने और सामूहिक राय बनाने में समय लगेगा। उन्होंने तीनों राज्यों की सरकारों से इस अवधि तक सुरक्षाबलों के अभियान रोकने की अपील की।

यहां तक कि PLGA सप्ताह के दौरान भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया है। समिति ने आश्वासन दिया है कि वे इस बार PLGA सप्ताह नहीं मनाएंगे और सभी गतिविधियों पर विराम देंगे।

ऑपरेशनों पर भी रोक लगाने की मांग

प्रेस रिलीज में सरकार से मुखबिर गतिविधियों और इनपुट-आधारित ऑपरेशनों पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही, सरकार से रेडियो पर उनके संदेश को प्रसारित करने का अनुरोध किया है ताकि दूर-दराज क्षेत्रों में मौजूद साथियों तक सूचना पहुंच सके, क्योंकि यह उनके पास बाहरी दुनिया से अपडेट रहने का एकमात्र विश्वसनीय माध्यम है।

जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों से मिलने की इच्छा

MMC जोन ने यह भी इच्छा जताई है कि इस बीच उन्हें कुछ जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और यूट्यूबर पत्रकारों से मिलने का अवसर दिया जाए, ताकि हथियार त्यागने की निश्चित तारीख तय कर जल्द घोषणा की जा सके। समिति ने मध्यस्थों से भी सरकार और संगठन के बीच संवाद बढ़ाने की अपील की है।