कांकेर जिले के पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में महाराष्ट्र से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
अंधविश्वास का फायदा उठाकर घर से सोना निकलवाने और बीमारी दूर करने का झांसा देकर पांच लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का कांकेर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बांदे थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में रिपोर्ट दर्ज होने के महज चार दिन के भीतर महाराष्ट्र से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की पूरी 4 लाख 96 हजार रुपये की रकम भी बरामद कर ली है।
मिली जानकारी के अनुसार, मामला बांदे थाना क्षेत्र के पीवी-104 दीपनगर की है। पीड़ित बलराम सरकार के घर एक व्यक्ति साधु के वेश में पांच पैर वाले नंदी बैल के साथ पहुंचा और घर में गड़ा सोना होने और परिवार की बीमारी दूर करने का झांसा दिया। उसने महंगी आयुर्वेदिक भस्म खरीदने और विशेष पूजा कराने की बात कहकर पीड़ित से पहले 52 हजार रुपये और बाद में 4 लाख 44 हजार रुपये की दवा खरीदवा दी।
कलश से निकला पीतल की मूर्तियां
पूजा-पाठ के दौरान कथित कलश निकालकर उसे सोने से भरा बताया गया और डराया गया कि, बिना अनुमति खोलने पर परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाएगी। बाद में जब पीड़ित ने कलश खोला तो उसमें सोने की जगह पीतल की मूर्तियां निकलीं। खुद के साथ ठगी होने का एहसास होने पर उसने बांदे थाने में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपियों के पास से 4 लाख 96 हजार रुपये की ठगी
शिकायत मिलते ही बांदे थाना पुलिस और साइबर सेल ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर महाराष्ट्र के नागपुर और गढ़चिरौली क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से ठगी की पूरी 4 लाख 96 हजार रुपये की राशि और घटना में प्रयुक्त एक पिकअप वाहन भी जब्त किया गया।
अंधविश्वास और झूठे चमत्कारों के नाम पर किसी के बहकावे में न आएं
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। साथ ही लोगों से अपील की है कि, अंधविश्वास और झूठे चमत्कारों के नाम पर किसी के बहकावे में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे ठगों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके





